संवाददाता – सुनील खोडे
पेटलावद जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बोडायता में शनिवार को दर्जनों ग्रामीणों ने पंचायत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। दर्जनों ग्रामीणों ने एकत्रित होकर मीडिया के सामने अपनी पीड़ा जाहिर की और पंचायत के सरपंच एवं सचिव के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों ने पंचायत में व्याप्त गंदगी, विकास कार्यों में अनियमितता, सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक नहीं पहुंचने तथा शासन की राशि के कथित दुरुपयोग जैसे कई मुद्दों को उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। गांव में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कई हितग्राही शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने से वंचित हैं, जबकि रिकॉर्ड में कार्य पूर्ण और राशि खर्च होना बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में पारदर्शिता का अभाव है और कई कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।सबसे खास बात यह रही कि जिन सरपंच पर आरोप लगाए जा रहे हैं, दिनेश गणावा, वे सरपंच संघ के अध्यक्ष भी हैं। ऐसे में एक सरपंच संघ अध्यक्ष की पंचायत पर भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के आरोप लगना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जो व्यक्ति अन्य पंचायतों के प्रतिनिधियों का नेतृत्व करता है, उसकी पंचायत पर ही सवाल उठना चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी शिकायतों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के समक्ष आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
जल्द लगातार पढ़िए अगले कई अंक, बोडायता पंचायत में फैली अव्यवस्थाओ ओर कारनामो की हक़ीक़त !!