एकलव्य स्कूल के नाराज बच्चों के बीच पहुंचा प्रशासन, समझाइश के बाद थमा पैदल मार्च!
भोजन-पानी की व्यवस्था से नाराज विद्यार्थी झाबुआ कलेक्टर कार्यालय के लिए निकले; SDM रितिका पाटीदार और SDOP अनुरक्ति सबनानी ने बच्चों के बीच पहुंचकर संभाली स्थिति
प्रभारी कलेक्टर जितेंद्र सिंह चौहान और ADM सीएस सोलंकी सहित अधिकारियों ने किया संवाद, बसों से हॉस्टल लौटाए गए विद्यार्थी
पेटलावद/झाबुआ। एकलव्य आवासीय विद्यालय पेटलावद में भोजन-पानी की व्यवस्था को लेकर विद्यार्थियों की नाराजगी खुलकर सामने आई। अपनी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर विद्यार्थी पैदल ही झाबुआ कलेक्टर कार्यालय की ओर निकल पड़े। विद्यार्थियों के इस कदम की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बच्चों से बातचीत शुरू की। लगातार समझाइश और संवाद के बाद विद्यार्थियों का पैदल मार्च फिलहाल थम गया। इसके बाद सभी विद्यार्थियों को बसों से वापस हॉस्टल भेजा गया।
बच्चों के बीच पहुंचीं SDM, सीधे सुनी समस्याएं
विद्यार्थियों की नाराजगी के बीच SDM रितिका पाटीदार मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बच्चों के बीच रहकर उनकी समस्याएं सुनीं और धैर्यपूर्वक बातचीत करते हुए उन्हें समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों का जोर इस बात पर रहा कि विद्यार्थियों की बात सुनी जाए और उनकी नाराजगी को बातचीत के जरिए दूर किया जाए।
वहीं, SDOP अनुरक्ति सबनानी ने भी बच्चों से संवाद कर स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने में भूमिका निभाई। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाया और उनकी समस्याओं पर बातचीत की। लगातार संवाद के बाद बच्चे अधिकारियों की बात सुनने और वापस लौटने के लिए तैयार हुए।
प्रभारी कलेक्टर और ADM भी जुटे
विद्यार्थियों के पेटलावद से झाबुआ की ओर पैदल निकलने की सूचना के बाद प्रभारी कलेक्टर जितेंद्र सिंह चौहान, ADM सीएस सोलंकी सहित अन्य अधिकारी भी मामले को लेकर सक्रिय रहे। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें समझाने और उनकी नाराजगी दूर करने के प्रयास किए।
अधिकारियों की समझाइश के बाद विद्यार्थी कल्याणपुरा पहुंचने से पहले ही वापस लौटने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद उन्हें बसों में बैठाकर हॉस्टल रवाना किया गया। पैदल मार्च समाप्त होने से प्रशासन ने राहत की सांस ली।
मार्च थमा, लेकिन समस्याओं के समाधान पर नजर
पूरे घटनाक्रम में अधिकारियों का बच्चों के बीच पहुंचकर सीधे संवाद करना अहम रहा। प्रशासन के प्रयासों से तत्काल स्थिति को संभाल लिया गया और विद्यार्थियों का पैदल मार्च रुक गया। हालांकि, विरोध की मूल वजह भोजन-पानी की व्यवस्था से जुड़ी विद्यार्थियों की शिकायतें हैं। ऐसे में अब महत्वपूर्ण होगा कि बच्चों की समस्याओं का वास्तविक समाधान हो और हॉस्टल में आवश्यक सुविधाएं सुचारु रूप से सुनिश्चित की जाएं।