एक स्टाफ नर्स पर आखिर क्यों मेहरबान है स्वास्थ्य विभाग और बीएमओ?
खुलेआम ग्रामीणों से पैसे लेने का वीडियो आया सामने।
लिखित शिकायत के बाद भी कार्यवाही नहीं।
आखिर किसका आशीर्वाद है इस महिला नर्स पर।
सुनिल डामर
झाबुआ जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्र में भोले-भाले ग्रामीण आदिवासी पैसे के अभाव में दाहोद,बड़ोदा जैसे शहरों के प्राइवेट अस्पतालों में इलाज नहीं करवा पाते हैं,जो अधिकांशतः शासकीय अस्पतालों पर निर्भर रहते हैं।लेकिन यहां भी ग्रामीणों को लुटने वाले चालीस-पचास हजार रूपये सरकारी तनख्वाह लेने वाले लुटेरे बैठे हैं, इतनी मोटी तनख्वाह लेने के बाद इनका दिल नहीं पसीजता जो ग्रामीण गरीबों से पैसे लेते हैं।जो ग्रामीण क्षैत्र से आने वाले लोगों को किस प्रकार लुट रहे हैं आप विडियो में देख सकते हो।
बामनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक स्टाफ नर्स के द्वारा प्रसूति के नाम पर 1500 रूपए लेने का एक विडियो सामने आया है। जिसमें महिला के परिजनों से डिलिवरी करवाने के नाम पर 1500 रुपए लिए जाने का आरोप महिला के परिजनों ने स्टाफ नर्स पर लगाया है।सूत्रों के अनुसार आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र पेटलावद ब्लॉक के बामनिया में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ स्टाफ नर्स सुभानी शर्मा द्वारा आए दिन ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली आदिवासी समाज की महिलाओं से आयरन की बोतल लगाने के अलग रेट है,डिलीवरी करवाने की एक बड़ी राशि मरीजों के परिजनों से ली जाती है।यदि मरीज के परिजन डिलीवरी के नाम पर ली जाने वाली राशि का विरोध करते हैं तो उन्हें अन्य अस्पताल में रेफर करने की धमकी दी जाती है।साथ ही बच्चे का जन्म प्रमाण-पत्र एवं महिला डिलीवरी मरीज की देखभाल नहीं की जाती है,न ही उसका सही रूप से उपचार करती है इस तरह से गर्भवती महिलाओं को स्टाफ नर्स सुभानी शर्मा द्वारा काफी परेशान किया जाता है।
जिसकी शिकायत जय आदिवासी युवा शक्ति के पदाधिकारीयों ने खंड चिकित्सा अधिकारी को लिखित में सूचना देने व ऑडियो वीडियो उपलब्ध कराने के बाद भी खंड चिकित्सा अधिकारी के द्वारा आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं होना,जिस तरह से रिश्वतखोरी का यह खेल मरीजों के साथ में खेला जा रहा है,कहीं न कहीं बीएमओ एवं स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों की मौन स्वीकृति को दर्शाता है।
इस संबंध में जब हमने सीएचएमओ जयपालसिंह ठाकुर से बात की तो उन्होंने कहा विडियो मुझे भेजें मैं देखता हूं एवं उनसे (बीएमओ) से बात करता हूं।