वॉइस ऑफ झाबुआ संवाददाता
बीते दिनों कलेक्टर द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बामनिया के सामने स्थित शक्ति मेडिकोस स्टोर पर पंजीकरण अभिलेख नही मिलने पर कलेक्टर ने अधिकारियो को जांच के निर्देश दिए थे। कलेक्टर के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद मेडिकल स्टोर के पंजीकरण अभिलेख आज तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। यहां तक कि कलेक्टर के निर्देश के बाद ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा जांच करने बामनिया आने पर शक्ति मेडिकोज के संचालक मेडिकल बंद करके गायब हो गया जिसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर के द्वारा मेडिकल संचालक को पंजीकरण अभिलेख लेकर दो दिनों में उपस्थित होने का नोटिस जारी किया था। लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं की।
लंबे समय से संचालित हो रहे इस स्टोर के दस्तावेज न मिलने से गंभीर सवाल खड़े हो गए है-क्या यह मेडिकल स्टोर इतने दिनों से पूरी तरह अवैध रूप से चल रहा था..?और यदि वैध है तो पंजीकरण अभिलेख अब तक क्यों नहीं सामने लाए…?
कलेक्टर द्वारा दिए निर्देश के बाद काफी समय बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। न तो अभिलेख पेश किए गए और न ही संचालक के खिलाफ कोई ठोस कार्यवाही का कदम उठाया गया। इस देरी ने पूरे मामले को और संदेहास्पद बना दिया है।यदि पंजीकरण अभिलेख मौजूद ही नहीं हैं,तो स्वाभाविक रूप से यह प्रश्न उठता है कि स्टोर इतने लंबे समय तक कैसे और किसके संरक्षण में चलता रहा?दवाइयों की बिक्री जैसे संवेदनशील व्यवसाय में लाइसेंस और पंजीकरण की अनिवार्यता को नजरअंदाज करना न केवल नियमों का उल्लंघन है,बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी माना जा सकता है। अब सवाल यह है कि क्या आखिर किसकी मिलीभगत से इस अवैध संचालन को अनदेखा किया जा रहा था…? प्रशासन की निष्क्रियता और निर्देशों के बावजूद कार्यवाही न होने से पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों पर सवालिया निशान लग गए हैं। तुरंत जांच हो,दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही हो और यह साफ किया जाए कि आखिर किसके संरक्षण में यह इतने समय से सब चल रहा था।अन्यथा प्रशासन की विश्वसनीयता और जनता के स्वास्थ्य दोनों पर गहरा आघात लगेगा।
क्या कहते जिम्मेदार अधिकारी-
मैंने नोटिस जारी किया है दो दिन का समय दिया था,उनका समय पूर्ण हो चुका है,उनका जवाब नही आता है तो उनका पंजीकरण सस्पेंड किया जाएगा।
ड्रग इंस्पेक्टर गीतम बथोडिया
कार्यवाही के लिए हमने नोटिस जारी किया है।
एन एल चौपड़ा
मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी