
निलेश डावर दीक्षांत शर्मा
जोबट की नर्मदा कॉलोनी एवं कस्बा जोबट पंचायत में पिछले कुछ हफ्तों से मच्छरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से मोहल्ले के समस्त निवासियों को अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मच्छरों से होने वाले रोगों से आप भलीभांति अवगत है। इस समय डेंगू के मच्छर पूरे शहर में तेजी से फैल रहे हैं। ऐसे में नगर परिषद द्वारा शहर में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। परंतु ग्रामीण क्षेत्र में कई महीनों से कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं किया गया है। मच्छरों का आतंक इस प्रकार बढ़ गया है कि रात में सोना भी मुश्किल हो चुका है। बच्चों को माता पिता घर से बाहर खेलने के लिए भी मना कर रहे है। डेंगू के मच्छर और अधिक भयंकर रूप ना ले लें। पूरे में क्षेत्र में लगातार मच्छर पनपते जा रहे है लोगों को डेंगू होने की स्थिति बनी हुई है। कृष्णा अजनार के आवेदन पत्र से पहले भी इस क्षेत्र के कुछ “निवासियों द्वारा सफाई कर्मचारियों तथा अन्य अधिकारी को इस बात की जानकारी दी गई थी। लेकिन अभी तक कोई छिड़काव नही हुआ है विषय है, किसी प्रकार का विशेष ध्यान नहीं दिया गया। साथ ही अब तक क्षेत्र में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं किया गया। जिसके कारण डेंगू के मच्छर प्रतिदिन बढ़ते जा रहे है। जनपद सदस्य कृष्णा अजनार द्वारा एसडीएम को आवेदन देकर जल्द ही दवाई छिड़काव व फॉगिंग करने की मांग की गई वहीजोबट जनपद क्षेत्र के ग्राम खुटाजा के रेष्टी फलिये में एक निजी स्थान पर मिनी आंगनवाडी संचालित की जा रही है । आपको बता दे कि मिनी आंगवाडी केन्द्र 150 से 300 आबादी वाले क्षेत्र में खोली जाती है व इसका संचालन निजी स्थान पर किया जा सकता है । दो वर्ष के पहले यही मिनी आंगनवाडी पंचायत के एक भवन में संचालीत होती थी लेकिन मिनी आंगनवाडी कार्यकर्ता की नियुक्ती के बाद जीनकी जमीन पर भवन निमार्ण हुआ है व मिनी आंगवाडी कार्यकर्ता में नियुक्ति को लेकर मतभेद के चलते यह पंचायत के भवन में न संचालीत होकर कार्यकर्ता के घर पर चलाई जा रही थी । इस संबध में जब हाल ही में जनपद सदस्य बनी कष्णा अजनार जिन्हे महिला बाल विकास केन्द्र का सभापति भी बनाया गया उनके द्वारा पंचायत भवन में मिनि आंगवाडी संचालीत न होने संबधीत जानकारी परियोजना अधिकारी से मांगी गई तो आपसी मतभेत की बात सामने आई । पत्र में बताया गया की उनके प्रयास के बाद भी आपसी मतभेद के चलते यह पंचायत भवन के बजाय घर पर संचालीत हो रही है ।
इसके बाद जनपद सदस्य कृष्णा अजनार ने अपने स्वयं के प्रयास किया व दोनो पक्षो में सुलह करवाते हुए दो वर्षो बाद पंचायत भवन को खुलवाकर पुन वहा आंगनवाडी संचालीत करवाई । इस मामले में कृष्णा अजनार ने बताया कि जब से मुझे महिला बाल विकास के सभापति का दायित्व मिला है मैं लगातार सभी आंगनवाड़ी का दौरा कर वहा की वस्तुस्थिति से अवगत हो रही हु । इसी क्रम में खुटाज के रष्टि फलिया का मामला सामने आया तो मैने दोनों पक्षों को समझकर पुनः पंचायत भवन में मिनी आंगनबाड़ी का संचालन शुरू करवाया ।
प्रशासन के प्रयास के बाद भी बंद इस पंचायत भवन में पुनः 2 वर्ष बाद कृष्णा अजनार की मेहनत से आंगनवाड़ी का संचालन करवाने के कार्य की सराहना की जा रही है । परियोजना अधकरी ने भी सभापति को सराहनीय कार्य बताते हुए आभार व्यक्त किया ।