किसी रोते हुए को चुप कराना सिखाना है तो, पीडब्लूडी विभाग से सिखें केसे चुप कराया जाएं

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सुरेश चन्द्र परिहार

हम बता कर रहे हैं सारंगी बस स्टैंड से चौपाटी हाईवे तक सड़क की खस्ता हालात की जहां आए दिन हादसे हो रहे थे जिस पर पत्रकार संघ ने इस सड़क की स्थिति के बारे में एसडीएम गेमावत साहब से चर्चा की थी और उन्होंने पी डब्लू डी विभाग को सुधारने के लिए आदेशित किया था पर पी डब्लू डी विभाग ने जिस तरह रोते हुए बच्चे को एक टाफी दे कर चुप करते हैं वे से ही पी डब्लू डी विभाग ने एसडीएम साहब के आदेश का मान रख कर केवल मिट्टी व मुरहम से गट्टे भर दिए जब मोके पर पी डब्लू डी विभाग के अधिकारी पेंच वर्क करने आये थे से पुछा था कि इस पर मिट्टी ही डालेंगे या डामर भी होगा तो उन साहब ने कहां था हम इस पर डामर भी करेंगे पर साहब ने तो मिट्टी डालकर ही इतीश्री कर ली और सड़क पर गड्डों को छिपाने के लिए डाली गई मिट्टी कुछ दिन पहले हुई मानसून की पहली ही बारिश में पूरी तरह से बह गई है। हालत यह है कि इन सड़कों के बड़े-बड़े गड्ढे अब दिखाई देने लगे हैं। इनकी वजह से नगर वासियों की परेशानी शुरु हो गई हैं। आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का आवागमन बना रहता है सड़क की हालत तो इतनी खराब है कि डामर की जगह कीचड़ हो रही है। ऐसे में पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। यह सड़क पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आती हैं यही नहीं तीन साल पहले ही मुख्य सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन घटिया निर्माण के चलते डामर बनने के कुछ माह बाद ही रोड उखड़ना शुरु हो गया था। इसके बाद सारंगी नगर के पत्रकार बंधुओ ने समाचार प्रकाशित किया था ।इन बड़े-बड़े गड्ढों के कारण लोगों का वाहन चलाना भी मुश्किल हो रहा है। गड्ढों में जाकर कई वाहन चालक तो फिसलकर गिर भी रहे हैं। इस सड़क पर दिन भर फोर व्हीलर टू व्हीलर गाड़ियों का आवागमन के साथ साथ छोटे छोटे स्कुली बच्चों का भी आवागमन बना रहता है

नगर वासियों की मांग है कि इस सड़क पर डामरीकरण करके लोगों को राहत जिला प्रशासन एवं पीडब्ल्यूडी विभाग देगा

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