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अधिकार, न्याय और कार्यवाही से ही होगा वास्तविक महिला सशक्तिकरण : सुश्री भूरिया महिला आयोग के कार्यक्रम में न्याय चौपाल, मेंटल हेल्थ और सायबर वेलबीइंग पर हुए महत्वपूर्ण सत्र

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के समन्वय से भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा, न्याय की सुनिश्चितता और ठोस कार्यवाही ही महिला सशक्तिकरण की वास्तविक आधारशिला है। उन्होंने महिला दिवस, होली और रंगपंचमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। कार्यक्रम में न्याय चौपाल, मानसिक स्वास्थ्य तथा साइबर वेलबीइंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र आयोजित किए गए। सत्र में विशेषज्ञों और अधिकारियों ने महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और जागरूकता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। मंत्री सुश्री भूरिया ने महिला आयोग और सहयोगी संस्थाओं द्वारा “महिलाओं और बालिकाओं के लिए अधिकार, न्याय और कार्यवाही” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि समाज की अशासकीय संस्थाएं और जागरूक नागरिक छोटे-छोटे प्रयासों से महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को मजबूत बनाते हैं।

मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियान ने बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि पंचायती राज और शहरी निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण तथा सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण से महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही मिशन शक्ति के अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181, महिला पुलिस यूनिट और फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे प्रयास महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को मजबूत बना रहे हैं।

मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं का विषय नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। समाज के सभी वर्ग जब मिलकर समानता और न्याय के लिए प्रयास करेंगे, तभी सशक्त और समतामूलक समाज का निर्माण संभव होगा। कार्यक्रम में घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं ने पॉवर वॉक कर दर्शाया कि कठिनाइयों के बाद भी अगर सही काउंसलिंग और सकारात्मक सोच से महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती है। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। महिला आयोग और अहान फाउंडेशन के मध्य सायबर वेलबीइंग पर एमओयू हुआ।

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