परम पूज्य सुलभ मुनि जी महाराज साहब की बड़ी दीक्षा के साक्षी बने अनेक श्री संघ

198

 

 

@Voice ऑफ झाबुआ @Voice ऑफ झाबुआ

दीक्षा पांच महाव्रत पालने छः काय जी वों की यतना करने की सविस्तार विधि का पाठ है जिससे संयमी को संयम जीवन में कैसे साधना कर आत्मा को साक्षी रख गुरु आज्ञा का पालन करते हुए कर्म को क्षय करते हुए उत्तरोत्तर मोक्ष मार्ग पर अग्रसर हो लोक के अग्रभाग सिद्ध शीला पर स्थापित होकर शाश्वत सुख पाने की विधि का पाठ बडी दीक्षा है , संयमी जीवन को प्रभु द्वारा बताए गए मार्ग दर्शन का पाठ है पांचों इंद्रियों के जीवो की रक्षा का पाठ है उक्त बात आचार्य श्री उमेश मुनि जी महाराज साहब के बुद्ध पुत्र प्रवर्तक श्री जिनेंद्र मुनि जी महाराज साहब ने ग्राम रायपुरिया में नव दीक्षित संत श्री सुलभ मुनि जी महाराज साहब की बड़ी दीक्षा के अवसर पर आयोजित आयोजन में काही।आपने कहानी के माध्यम से समझाया कि पांच महाव्रत धारी चार प्रकार के होते हैं दीक्षा लेते हैं पर ठीक से पालन नहीं करते हुए छोड़ देते हैं दूसरा मात्र दीक्षा लेकर खाना-पीना मान सम्मान पाने के लिए ले लेते हैं तीसरे मात्र दीक्षा पाठ का रक्षण भर करते हैं पर चौथे प्रकार के संयमी न सिर्फ अपने संयम जीवन का रक्षण करते हैं अपितु उसमें अभिवृद्धि भी करते हैं और अपने मोक्ष पाने के उद्देश्य में सफल भी हो जातें हैं।अणु वत्स श्री सयंत मुनि जी महाराज साहब ने कहा वर्तमान समय का जीव वक्र व जड़ है इसलिए उसे संयम मार्ग पर चलने के लिए नियम कायदे ठोक बजा कर बताए जाते हैं ताकि उसका संयम लेना सार्थक, हो दीक्षा लेना अच्छा है सभी कहते हैं दूसरे की दीक्षा की अनुमोदना भी बहुत करते हैं पर सच्ची अनुमोदना तो तभी होगी जब स्वयं में दीक्षा के भाव जगे और वह दीक्षा के रूप में परिणित भी हो।संयम प्रभावी का साध्वी श्री संयम प्रभा जी ने कहा संसारी जल थल नभ की यात्रा कर सुख मनाता है पर प्रभु ने चौथी यात्रा संयम की भी बताई है तीन यात्रा तो क्षणीक सुख देकर घर पहुंचा देती है पर संयम यात्रा तो ऐसे हाईवे मार्ग की यात्रा है जो मोक्ष मंजिल पर पहुंचा देती है और भटकने के लिए कभी वापस घर संसार में नहीं भेजती है। साध्वी समूह द्वारा नव दीक्षित के सम्मान में स्तवन थी प्रस्तुत किया गया आज 17 तारीख है और संयोग से रायपुरिया श्री संघ में प्रवर्तक श्री जिनेंद्र मुनि जी महाराज साहब संयत मुनि महाराज ठाणा छः साध्वी श्री संयम प्रभा जी महाराज साहब ठाणा सात साध्वी श्री सुवव्रता जी महाराज ठाणा चार कुल सत्रह साधु साध्वी की उपस्थिति का सयोंग भी रहा , कार्यक्रम का संचालन संजय मुथा ने किया आभार अनिल मुथा ने माना आज के आयोजन को सफल बनाने में अध्यक्ष राहुल भंडारी सहित कई लोगों का अमूल्य सहयोग रहा साथ ही वरिष्ठ श्राविका अमृता भंडारी ने सभा को सुन संबोधित करते हुए बड़े जोर शोर से वर्ष 2023 में रायपुरिया को परम पूज्य श्री सयत मुनि जी महा साहब का वर्षावास रायपुरिया को प्रदान करने की श्री संघ की विनंती आर्य की आज की बड़ी दिक्षा में डूंगर प्रांत सहित अन्य कई क्षेत्र से लोगों नै पधार कर आयोजन में चार चांद लगाया प्रमुख रूप से पेटलावद ,बामनिया, बदनावर जामली ,धार ,रतलाम, करवड,इदोर ,मेघनगर ,कुशलगढ़ ,बनी दाहोद, थांदला ,कल्याणपुरा, वर मंडल ,रतना खेड़ी दाहोद आदि के लोग भारी संख्या में पहुंचे उक्त आयोजन पाटीदार समाज की धर्मशाला में आयोजित किया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here