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नामांतरण के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप, मामला उजागर होते ही लौटाए 4 हजार – दुलाखेड़ी क्षेत्र की पटवारी ऋतु जादोन पर पेटलावद निवासी रमेश परमार ने लगाए गंभीर आरोप, 10 हजार से शुरू हुई कथित डील 7 हजार में हुई तय !!  

नामांतरण के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप, मामला उजागर होते ही लौटाए 4 हजार –

 

दुलाखेड़ी क्षेत्र की पटवारी ऋतु जादोन पर पेटलावद निवासी रमेश परमार ने लगाए गंभीर आरोप, 10 हजार से शुरू हुई कथित डील 7 हजार में हुई तय !!

संवाददाता सुनील खोडे

 

पेटलावद । राजस्व विभाग में नामांतरण जैसे कार्य के लिए रिश्वत मांगने का एक मामला सामने आया है। पेटलावद निवासी रमेश परमार ने दुलाखेड़ी क्षेत्र में पदस्थ पटवारी ऋतु जादोन पर नामांतरण के नाम पर 10 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, बातचीत के बाद कथित तौर पर 7 हजार में सौदा तय हुआ, जिसमें से 4 हजार नगद दिए गए, जबकि शेष 3 हजार शाम को देने की बात हुई थी।

 

*टीम जीवनसिंह शेरपुर के जिलाध्यक्ष बाबूलाल काग तक पहुंची सूचना -*

मामले के अनुसार, जब इसकी जानकारी टीम जीवनसिंह शेरपुर के जिलाध्यक्ष बाबूलाल काग को मिली, तो उन्होंने पटवारी से पैसे लेने के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया। इस दौरान पटवारी ने कथित तौर पर रमेश परमार को उनके पास भेजने की बात कही।

इसी बीच, मामला उजागर होने की स्थिति बनते देख पटवारी द्वारा कथित रूप से लिए गए ₹4 हजार रमेश परमार के बड़े भाई को वापस लौटा दिए गए। हालांकि, पूरे मामले में रिश्वत मांगने और पैसे लौटाने की परिस्थितियों को लेकर स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

 

पटवारी का पक्ष जानने का प्रयास, जवाब नहीं मिला

इस मामले में पटवारी ऋतु जादोन का पक्ष जानने के लिए कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

 

अब सवाल यह है कि यदि नामांतरण जैसे राजस्व संबंधी कार्य के लिए वास्तव में रिश्वत मांगी गई, तो इसकी निष्पक्ष जांच कब होगी और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई की जाएगी? मामले की सत्यता सामने लाने के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच किया जाना आवश्यक है।

 

 

*क्या बोले जिम्मेदार.*. *

नामांतरण का चालान शुल्क 100 रुपए लगता है इससे ज्यादा कोई शुल्क नहीं लगता और पटवारी नामांतरण नहीं करता है। फिर भी आपके द्वारा संज्ञान में लाया गया है तो मामले को दिखवाते हैं,

 

यशपाल मुजाल्दा

तहसीलदार पेटलावद

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