दिलीप सिंह भूरिया आलीराजपुर ब्यूरो चीफ
चंद्रशेखर आज़ाद नगर भाभरा के आसपास वन परिक्षेत्र के लगभग 8 किलोमीटर की गोलाई में अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद के नाम से वन्य प्राणी अभ्यारण बन जाना चाहिए क्योंकि भाभरा से आसपास ग्राम कुक्षी ,पोची इमली ,रोलीगांव छोटा भावटा, के क्षेत्र में काफी घना जंगल है जिसमें सैकड़ों वृक्ष है जहां अभी पहले से ही मोर ,चीते ,खरगोस ,रीछ , जंगली सुवर , लोमड़ियां, लकड़बग्घे , एवं नीलगाय और कई अन्य जंगली जानवर पहले से ही मौजूद है ।
इस क्षेत्र को वन्य प्राणी अभ्यारण बनाने से जंगल भी सुरक्षित हो जाएगा क्योंकि इस क्षेत्र की अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद से जुड़ी एक किंवदंती है कि आजाद द्वारा आज़ादी की लड़ाई के समय काकोरी कांड की डकैती के बाद आजाद इस वन्य क्षेत्र के जंगलों में तीन दिन रहे और इतिहास के पन्नों में भी इसका वर्णन है गडी से नीचे जो राजा द्वारा निर्मित बाउ डी है वही रात में वह छिपते थे और वहां से वह अपनी माता जगरानी देवी से आदिवासी महिला से वेश में आखरी बार मुलाकात करने आए थे ।
यह जो वन्य क्षेत्र है आधे से भी ज्यादा नगरपरिषद की सीमा में आता है और इस जंगल में हमेशा अतिक्रमण का खतरा बना हुआ रहता है क्योंकि आजाद नगर भाभरा नगर परिषद क्षेत्र के बाद नगरीय क्षेत्र का हिस्सा होने से इस क्षेत्र के आसपास भूमि की कीमत करोड़ों में है जिससे भी वन भूमि पट्टे की लालच में लगातार वन क्षेत्र काटे जा रहे है।जिसको सुरक्षित भी रखना वन विभाग के अलावा सभी नगरवासियों और चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा के आसपास के जनप्रतिनिधियों की भी जवाबदारी है ।