दिलीप सिंह भूरिया आलीराजपुर ब्यूरो चीफ
चंद्रशेखर आज़ाद नगर भाभरा आज भी सुबह से मंडी में एक भी व्यापारी नहीं पहुंचा और व्यायारियों द्वारा सुबह से लेकर देर रात तक अपनी दुकानों और मकानों पर ही अनाज जिसने गेहूं चना मक्का और बचा कूचा कपास खरीद खरीद कर दो नंबर के गोदामों और दुकानों में जमा किया जा रहा है एक दिन चंद्रशेखर आजाद नगर की पांच दुकानों पर कार्यवाही करके जोबट मंडी अधिकारी चिमन मंडलोई को नींद आ गई और बाकी के 15 व्यापारियों से क्या खिचड़ी खाई है उसका तो सूत्रों से जानकारी जल्द ही अन्य मंडी अधिकारीयो की कार्यवाही से पीड़ित व्यापारी अपना रोना और दुखड़ा कही ना कही सुनाएंगे जरूर लेकिन उससे पहले तक किसानों को रोजाना लाखों रुपयों का अनाज खरीदकर करोड़ों रुपयों का दिन दोपहरी चुना लगाया जा रहा है उप मंडी का संचालन अच्छे से किया जा सकता था

लेकिन बाहरी इनकम व्यापारियों से लेने के चक्कर में पूर्व मंडी अध्यक्षों और उनकी पूरी टीम ने कोई विकाश और किसी भी प्रकार की मंडी में सुविधाओं का विकास किया ही नहीं जिससे आज भी व्यापारी सुविधाओं का हवाला देकर आज भी मंडी में दुकान लगाना नहीं चाहते और अपने अपने निजी मकानों और दुकानों पर ही अनाज की सीधी खरीदी कर रहे है और अनपढ़ गरीब किसानों को चुना लगा रहे है जिसने मंडी अधिकारियों का सीधा सीधा हाथ होता है जिले के विधायक सांसद मंत्री भी कोई सुध नहीं लेते इन मंडियों की कहने को तो आदिवासियों के विधायक सांसद और मंत्री है लेकिन कहने में कुछ और सही मायने में है कुछ और भूमिका में दिखाई देते है जिले की सारी कृषि अनाज मंडियों का भगवान ही मालिक है ।