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जन सुनवाई में जिला कलेक्टर और चंद्रशेखर आज़ाद नगर अनुविभागीय अधिकारी को फर्जी डॉक्टरों के विरुद्ध कार्यवाही के दिए आम आदमी पार्टी के आवेदन हव्वाहवाई कर दिए । पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश जमरा ने दो बार जिला कलेक्टर को आवेदन कार्यवाही के लिए दिए दिलीप सिंह भूरिया पूर्व जिला अध्यक्ष पूर्व लोकसभा सयुक्त सचिव , वर्तमान सयुक्त सचिव मध्यप्रदेश के आवेदन की कोई अहमियत नहीं । जिले में सभी फर्जी बंगाली ओर अन्य फर्जी हॉस्पिटल क्लीनिक जिला प्रशासन और जिला चिकित्सा विभाग की मिलीभगत से ही संचालित हो रहे है । आलीराजपुर ब्यूरो चीफ जिले

आलीराजपुर ब्यूरो चीफ जिल का तो भगवान ही मालिक है कही जबरन जमीन हड़पने का काम किया जा रहा है तो कही जबरन अधिग्रहण का काम किया जा रहा है लेकिन मजाल है जिले के जिला प्रशासन के जिला कलेक्टर नीतू माथुर और चंद्रशेखर आजाद नगर अनुविभागीय अधिकारी निधि मिश्रा की नींद टूटी हो खबरें प्रकाशित होती है समाचार पत्रों पोर्टलों और न्यूज चैनलों में राजनीतिक पार्टियों द्वारा साथ ही सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा जिले में चल रहे अवैध फर्जी बंगाली डॉक्टर और अन्य फर्जी डॉक्टरों द्वारा जिले के गली मोहल्ले में चल रहे फर्जी बिना राज्य शासन की अनुमति के क्लीनिक और हॉस्टल को आज तक बंद नहीं करवा पाए आम आदमी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश जमरा द्वारा दो बार जिला कलेक्टर को जन सुनवाई में फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कार्यवाही हेतु आवेदन जनसुवाई में जिला कलेक्टर कार्यालय में दिया गया और आम आदमी पार्टी नेता दिलीप सिंगभुरिया पूर्व जिला अध्यक्ष पूर्व लोकसभा सयुक्त सचिव और वर्तमान में सयुक्त सचिव मध्यप्रदेश ने भी चंद्रशेखर आजाद नगर अनुविभागीय अधिकारी निधि मिश्रा को आवेदन दिया

कि जिले के अलावा भाभरा नगर में कई फर्जी डॉक्टर जिनमें अधिकतर फर्जी बंगाली डॉक्टर के क्लीनिक और हॉस्पिटल संचालित हो रहे है जिसमें फर्जी तरीके से फर्जी केमिकल से इलाज किया जा रहा है जो मानव शरीर और गरीब आदिवासी अनपढ़ आदिवासियों की जान खतरे में है ।लेकिन जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की नींद ही नहीं खुलती । जिले में फर्जी डॉक्टर के इलाज के वजह से कई आदिवासी ग्रामीण लोगों मौत क्यों न हो जाए लेकिन इनकी दुकान कभी बंद नहीं होगी ।लेकिन कोई गरीब आदिवासी बिना अनुमति ताड़ी बेचने भी सड़क पर अपनी निजी भूमि पर बैठा होगा तो उसका भी प्रकरण बन जाएगा लेकिन अगर कोई अन्य राज्य से यहां फर्जी दस्तावेज बनाकर बिना राज्य शासन की अनुमति लिए बिना फर्जी तरीके से आदिवासी पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में राज्य है हॉस्पिटल खोलता है और उफ़जा संचालन करता है बिना अनुमति बिना डिग्री के साथ ही बिना कोई मापदंड के दवाइयों का साथ ही प्रतिबंधित दवाइयों का प्रयोग करने पर भी कोई कार्यवाही कोई रोक टोक जिला प्रशासन द्वारा नहीं की जाती लेकिन गरीब आदिवासी कोई ताड़ी गलत काम कर भी लेता है तो उस पर कार्यवाही एक जिले में दो कानून का संचालन जिला प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा है जिसका पालन जिला स्वास्थ्य विभाग आंखे बंद कर निभा रहा है ।।

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जिला कलेक्टर नीतू माथुर को मंडी की दुर्दशा किसान व्यापारी सामाजिक कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के बीच मंडी चालू करने के विवाद के क्या कारण है उसकी जांच करनी चाहिए ।  चंद्रशेखर आज़ाद नगर के व्यापारियों का मीटिंग से एक एक कर भाग जाना । मंडी व्यापारियों और अधिकारियों की मिली भगत से मंडी नहीं हो रही चालू । व्यापारियों के यहां दिखावे की कार्यवाही किसी भी गोदाम दुकान को नहीं किया सील। एक दुकान की अनुमति पर किसी व्यापारी की दो दुकानें दो गोदाम तो किसी के चार दुकानें चार गोदाम । भाभरा से व्यापारियों पर कार्यवाही में नाम पर दिखावा ,पर बरझर सेजावाडा मिर्यावाट बड़ी पोल अमनकुवा, बड़ीपोल , देवली , के अलावा अन्य गांवों में भी बिना अनुमति दुकानें संचालित हो रही है
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