Homeअलीराजपुरजिला कलेक्टर नीतू माथुर को मंडी की दुर्दशा किसान व्यापारी सामाजिक कार्यकर्ताओं...

जिला कलेक्टर नीतू माथुर को मंडी की दुर्दशा किसान व्यापारी सामाजिक कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के बीच मंडी चालू करने के विवाद के क्या कारण है उसकी जांच करनी चाहिए ।  चंद्रशेखर आज़ाद नगर के व्यापारियों का मीटिंग से एक एक कर भाग जाना । मंडी व्यापारियों और अधिकारियों की मिली भगत से मंडी नहीं हो रही चालू । व्यापारियों के यहां दिखावे की कार्यवाही किसी भी गोदाम दुकान को नहीं किया सील। एक दुकान की अनुमति पर किसी व्यापारी की दो दुकानें दो गोदाम तो किसी के चार दुकानें चार गोदाम । भाभरा से व्यापारियों पर कार्यवाही में नाम पर दिखावा ,पर बरझर सेजावाडा मिर्यावाट बड़ी पोल अमनकुवा, बड़ीपोल , देवली , के अलावा अन्य गांवों में भी बिना अनुमति दुकानें संचालित हो रही है

दिलीप सिंह भूरिया आलीराजपुर ब्यूरो चीफ 

चंद्रशेखर आज़ाद नगर भाभरा में सामाजिक कार्यकर्ताओं और मीडिया में खबरें प्रकाशित होने के बाद कल जोबट मंडी संचालक अधिकारी चिमन मंडलोई अपनी पूरी टीम के साथ चंद्रशेखर आज़ाद नगर भाभरा मंडी में नगर के अनाज व्यापारियों के साथ एक बैठक की जिसमें नगर के 20 अनुमति प्राप्त अनाज व्यापारियों में से 8 व्यापारी ही मंडी में पहुंचे।अनाज व्यापारियों के अध्यक्ष जरूर पहुंचे कुछ व्यापारी मंडी में मंडी अधिकारियों के निर्देश के बाद भी मंडी में हो रही मीटिंग में भी आना मुनासिब नहीं समझते क्योंकि उनके बिना अनुमति एक से ज्यादा दुकानें और गोदाम हैं।।

मीटिंग में व्यापारियों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई ।

जिसमें मंडी में गोदाम और दुकान का मुद्दा हमेशा का रहा है जिसको लेकर जोबट सीडीएम से व्यापारी संगठन ने चर्चा की तो उन्होंने एक आवेदन देकर जमीन आवंटन कर अस्थाई टीन शेड की दुकानों का निर्माण करने की अनुमति के लिए व्यक्तियों से एक सामूहिक आवेदन मांगा तो व्यापारी उसको देने से आसना कानी करने लगे जिसके बाद विवाद और ज्यादा बढ़ गया व्यापारी ने मंडी अधिकारी पर मंडी पर सुविधाएं नहीं होने का हवाला देकर निजी दुकान पर ही अनाज खरीदने का बोला तो अधिकारियों ने कार्यवाही और मंडी में अनाज नहीं खरीदने पर कार्यवाही करने की बात कही बात इतनी बड़ी की व्यापारी सभी मंडी छोड़ अपने अपने घर चले गए ।

जिसके बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किसानों की ओर से कहा ही आप और व्यापारियों की मिली भगत से मंडी का संचालन चालू नहीं करते जिसके कारण व्यापारी अनाज अपने घर से खरीदकर बिना अनुज्ञा के भी दाहोद या अन्य व्यापारियों को खुल्ले आम बेच रहे है घर दुकान पर खरीद कर तोल काटे में मंडी अधिकारियों और व्यापारियों की मिली भगत से गरीब अनपढ़ ग्रामीण किसानों को लाखों रुपयों का दिन में चुना लगा रहे है तो महीने में कितना लगाते होंगे मंडी उप संचालक अय्यूब के समय 7450 रुपए क्विंटल कपास खरीद कर व्यापारी बड़े व्यापारियों को 7250 रुपए में कपास बेच रहे थे जिसकी चोरी वॉयस ऑफ झाबुआ चैनल ने पकड़ी और फिर ख़बर प्रकाशित हुई और अय्यूब का स्थानांतरण देवास के किसी मंडी में हुआ।

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