उड़ता तीर – सुनील खोडे
—————————–
पेटलावद। वर्तमान में भीषण गर्मी का दौरा शुरू हो चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं, शासन द्वारा करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद भी जमीनी स्तर पर योजनाएं विफल साबित हो रही है। वर्तमान में जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ भी किया जा चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले अधिकारी इतना सुस्त हो चुके हैं कि लोगों को ग्रामीण क्षेत्र से चलकर अब तहसील मुख्यालय पर आकर अपनी परेशानी को बयां करना पड़ रहा है। बावजूद अधिकारी ना तो फोन उठाने को तैयार है ना ही कार्यालय में अधिकारी उपलब्ध होते हैं। पेटलावद पीएचई विभाग में पदस्थ एसडीओ की लापरवाही लगातार चरम पर है। क्षेत्र में पेयजल संकट बढ़ते जा रहा है लेकिन पीएचई विभाग के एसडीओ और उप यंत्री अपनी मनमानी पर उतारू है।

ताजा मामला ग्राम पंचायत गोदडिया से सामने है। जहां इन दिनों लोग पेयजल संकट से परेशान है। पंचायत के स्कूल फलिया, वालनवरा स्कूल और गरवाल फलिया में लंबे समय से हैडपम्प बंद पड़े है।

लेकिन इस और पीएचई विभाग का कोई ध्यान नहीं है। सरपँच इंजीनियर बालूसिंह गामड़ द्वारा बंद हैडपम्प (ट्यूबवेल) की शिकायत कई बार विभाग को की जा चुकी है। लेकिन अब तक कोई समाधान नही किया गया।

सरपँच श्री गामड़ ने कहा कि मेरे द्वारा जनपद पंचायत से अनुमोदन भी करवा दिया गया है। सिर्फ पीएचई विभाग के एसडीओ के हस्ताक्षर होना बाकी है। पिछले करीब 15 दिन पहले मेरे द्वारा एसडीओ साहब को और उपयंत्री को मामले की जानकारी देकर हस्ताक्षर करने हेतु निवेदन किया था लेकिन अब तक हमारी कोई सुनवाई नहीं की गई। एसडीओ साहब को फोन लगाते हैं तो उनका फोन लगातार बंद आता है और जब फोन चालू होता है तो एसडीओ साहब फोन नहीं उठाते हैं। साथ ही उप यंत्री बबेरिया को भी कई बार इस मामले से अवगत करवाया गया लेकिन उनके द्वारा भी लापरवाही की जा रही है। अधिकारियों द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कार्य किया जा रहा है। जबकि इस भीषण गर्मी में पेयजल के लिए ग्रामीणों की सहायता करना चाहिए जो कि उनका कर्तव्य है। लेकिन अधिकारियों के द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है, हमें मजबूरन कार्यालय पर आना पड़ता है। लेकिन जब हम पीएचई विभाग के कार्यालय पर आते हैं तो यहां पर कुर्सियां खाली पड़ी होती है। अधिकारी कार्यालय में नहीं मिलते हैं। ऐसे में हमें वापस लौटना पड़ता है। पीएचई विभाग के एसडीओ ओर उपयंत्री की लापरवाही के कारण ग्राम पंचायत गोदडिया के ग्रामीणों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अगर जल्द ही हमारी सुनवाई नहीं होती है तो हमे मजबूरन पीएचई विभाग के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा। जिसकी जिम्मेदार एसडीओ ओर उपयंत्री होंगे।