राकेश जमरा चांदपुर संवाददाता
चांदपुर ,,,आलीराजपुर जिले के हर नगर गांव गली फलियों में फर्जी डॉक्टरों के फर्जी क्लीनिक और हॉस्पिटल दिन रात संचालित हो रहे है जिला कलेक्टर नीतू माथुर ने आते ही इनके संचालन को तुरंत प्रतिबंध कर इनके हॉस्पिटल क्लीनिक बंद करने के आदेश दिए थे जिनको जिला प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी ही ठेंगा दिखा रहे है जिले भर के हर गली मोहल्लों में इनके क्लीनिक बिना रोक टोक के संचालित हो रहे है आलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा सेजावाड़ा बरझर झिरन के अलावा अन्य गांवों में फर्जी क्लीनिक आज भी चालू है वैसे ही उदयगढ़,जोबट खट्टाली,आम्बुआ ,आमखूट ,कट्ठीवाड़ा,कदवाल ,सोंडवा ,उमराली ,छकतला ,नानपुर ,फूलमाल बखतगढ़ , चांदपुर जैसे नगर और गांवों में बड़ी मात्रा में फिर से एक बार क्लीनिक चालू है जिसको जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी बंद नहीं करवा सकते पता नहीं किस राजनेताओं और क्लिनिक संचालकों के फर्जी डॉक्टरों और उनके क्लिनिक संचालकों को सहयोग है कि जिला प्रशासन के पास पटवारी ,नायब तहसीलदार ,अनुविभागीय अधिकारी के अलावा अपर कलेक्टर और स्वयं जिला कलेक्टर के साथ साथ जिला पुलिस अधीक्षक एसडीओपी थाना प्रभारी आदि सैकड़ों प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी की टीम मौजूद है लेकिनआज तक कार्यवाही के नाम पर लीपापोती और सप्ताह भर में वही क्लीनिक और हॉस्पिटल पुनः संचालित दिन दहाड़े हो जाते है जिनके संचालक फर्जी डॉक्टरों के ऊपर कई प्रकरण दर्ज है ।

जिला स्वास्य विभाग के पास भी बीएमओ सीबीएमओ सीएमएचओ के अलावा अन्य अधिकारी कर्मचारियों की टीम है लेकिन उनकी नींद ही नहीं खुलती ।क्योंकि उनको इन फर्जी डॉक्टरों के गांव गांव फर्जी इलाज करने से कम मरीज शासकीय हॉस्पिटल आते है जिससे इनको सिर्फ कुर्सी पर बैठकर वर्षों से सिर्फ वेतन लेने की आदत सी हो गई है और फर्जी डॉक्टरों से अलग से भी सूत्रों के हवाले से खबर है वो भी पक्की इनकी जेब महीने महीने भर दी जाती है फर्जी डॉक्टरों और क्लिनिक संचालकों द्वारा फिर जिले भर में क्यों न पनपे कुकुरमुत्तों की तरह फर्जी डॉक्टर के क्लीनिक और हॉस्पिटल ,आज तक जितने भी फर्जी डॉक्टरों के ऊपर कार्यवाही होकर रिपोर्ट दर्ज हुई है और जिनके पास कोई वेध डिग्री और वेध राज्य शासन की अनुमति भी नहीं थी वो वो फर्जी डॉक्टर आज कल बि फार्मा होम्योपैथिक आयुर्वेदिक और जैसे फर्जी डिग्री अपने अपने क्लीनिक और हॉस्पिटल की दीवारों पर फ्रेम बनवाकर लगाते है उनकी भी जिला कलेक्टर को बारीकी से जांच करवानी चाहिए आज कल एक लाख से 2 लाख रुपए में फर्जी डिग्री बांटने वाले कई संस्थानों को मध्यप्रदेश सरकार ने बंद किया हो जो इस तरीके की बिना एडमिशन के ही किसी को भी दस्तावेजों में उपस्थित दर्ज कर डिग्री बनाकर बेच ते हुवे पाए गए
आलीराजपुर जिले और झाबुआ जिले में यह आम बात है डॉक्टरों की तो बात छोड़िए नर्सिंग कॉलेज कई दोनों जिलों में फर्जी पाए गए थे जिनको तत्काल बंद करना पड़ा और आज भी छात्र छात्राएं अपनी फीस के लिए यहां वहां घूमते नजर आते है और आंदोलन और ज्ञापन देने के बाद भी उनकी कही आज तक सुनवाई ही नहीं हो रही है । चांदपुर में कुछ फर्जी बंगाली डॉक्टरों का कहना है कि तुम कितनी भी खबरें लगा लो हमारा बाल भी बाका नहीं कर सकता जिला प्रशासन तो यह किस और इशारा कर रहे है क्या जिला प्रशासन के साथ साथ स्वास्थ्य विभाग भी चुप है इसका कुछ करना तो है ।।