दिलीपसिंह भूरिया आलीराजपुर ब्यूरो चीफ
ग्राम पंचायत सेजावाडा पटेलिया आदिवासी समाज में फैली कुप्रथाओं को लेकर सेजावाडा में समाज में पुराने रीति-रिवाजों को चलाते हुए कुछ गलत तरीके से डीजे बजाना, गंदे गंदे गाने बजाना , जिसका प्रभाव युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है। शादियों में सगा-संबंधी को शराब पिलाना,बीडी , सिगरेट,पान ,तंबाकू अन्य ऐसे गलत नियमों पे रोक लगने पर भी बात रखते हुए प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया। शादी परम्पराओं को लेकर सगाई में शगुन के तोर पे एक नारियल,साडी,गुड सगाई में चांदी के गहने बिल्कुल बंद एवं सगाई में पंच परिवार के हर घर से एक व्यक्ति को सगाई में जाना रहेगा गणपति के दिन मतलब गणेश के दिन) गुड देने जाना ( वदामणा) करने उसमें 5 लोगों से ज्यादा नहीं जाएंगे 15 किलो 500 ग्राम गुड़ गणपति के दिन अपनी पंच परिवार के व मामा,फुआ ऐसे बुजुर्ग वरिष्ठों को बुलाकर खाखरे की पत्तल बनवाना है निर्णय 125 पतल बनाने का लिया है लेकिन आप ज्यादा भी खिल सकते हो अनिवार्य है । शादी में दहेज 1.25 पैसा( सवा रुपया)
गहने – रकम 1 चांदी का मंगलसूत्र एक जोड़ चांदी की पायजप 1 सोने का कांटा
आणा में लड़कियां व महिलाओं को लेकर जाना बंद कर दिया है । शादियों का दौर शुरू होने जा रहा है ऐसे में हमारे नाचते गाने और खाने पिने में व्यस्त पटेलिया आदिवासी समाज के लोगों को ये संदेश देना बेहद आवश्यक है कि इसके बाद आपकी बर्बादी का दौर शुरू होने जा रहा है जिसे आप समाज द्वारा बनाये गए नियमों का पालन करते हुए मिशन D3 का हिस्सा बनकर अतिरिक्त खर्चा और क़र्ज़ से मुक्ति पा सकते हो।डीजे पुर्ण रुप से प्रतिबंध और पंच का निर्णय सर्वोपरि माना जाएगा।पंच के मना करने पर भी डीजे लाता है ।तो समाज के लोग नहीं जाएंगे व 51000 हजार रुपए लेकर दंडित किया जाएगा। नशा बिल्कुल प्रतिबंधित शराब, बीडी, सिगरेट,पान, तंबाकू ,भोजन शादा रहेगा बाकी व्यवस्था व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अनुसार रख सकता है।

लड़की भागकर प्रेम विवाह करती है। तो 151000 हजार रुपए दहेज लिया जाऐगा लड़की भागकर जाती है और वापिस सौंपना है व सगाई की हुई लड़की भागे तब 51000 हजार रुपए लेना रहेगा शादी सुदा महिला भागकर दुसरी शादी करते हैं तो 351000 हजार रुपए ,एक शादी के बाद दुसरी शादी करता है पुर्व पत्नी की सहमति है और बच्चे नहीं हैं तो 151000 हजार रुपए और जबरदस्ती दुसरी शादी करता है। तो 500000 लाख रुपए लड़की की अन्य समाज में भागकर जाती है तो समाज की और से उस समाज के परिवार से 1500000 लाख रुपए दंड लिया जाएगा। पटेलिया समाज में एकजुटता और युवा पीढ़ी को सही दिशा देने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा। नशा, सिगरेट, बीड़ी, तम्बाकू, शराब जैसी बुरी आदतों से दूर रहने और समाज की संस्कृति, संस्कार, शिक्षा, और परम्पराओं को बढ़ावा देने की जरूरत है। जन्म गीत, मृत्यु गीत , लोक संस्कृति गीत, वर्षा , धार्मिक भजन कीर्तन, चर्चा ,माता गरबी, गोत्र हमारी वास्तविक पहचान है। चाहे धार्मिक हो परम्परागत करना,पटेलिया समाज खान पान, दाल चावल कनसार अनिवार्य रूप से होना चाहिए। हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहना होगा और युवा पीढ़ी को भी इसके महत्व को समझाना होगा। डीजे, पूर्ण रूप से बंद होना चाहिए। हमारे पटेलिया समाज वाद्ययंत्र ढोलकी शाहनाई कुंडी थाली। ढोलकी जहां पर नहीं है,मादल, ढोल क्षेत्र आधारित संस्कृति। पटेलिया समाज में कमीज, पजामा, टोपी, धोती हो।साथ ही युवा पीढी हमारी संस्कृति अनुरूप हो। समाज बैठकों, समाज सामाजिक कार्यक्रम में टोपी अनिवार्य रूप से पहने । पटेलिया समाज अस्मिता, परम्परा, संस्कृति ही हमारी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है।
समाज के वरिष्ठ जनों ने सर्वसहमति से निर्णय लिया।
पटेलिया आदिवासी समाज बैठक में उपस्थित रहे सेजावाडा सरपंच पैमला भाई , बरझर सरपंच हिमसिगं बारिया, सरपंच महेश भूरिया, सरपंच विक्रम ढाक, शंकर राठौर, रामसिग बामनिया, बाबु राठौर,मुलसिग हटिला,सवेसिग हटिला,कनु बामनिया, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला न्यायालय आलीराजपुर पीएलवी कमलेश भूरिया, मनोज डामोर, बीएल भूरा एवं पटेलिया समाज के सभी वरिष्ठ व युवा बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित होकर इस निर्णय नियम को सर्वोपरि माना है।