करीम खान बरझर
बरझर। मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के बरझर में आयोजित भगोरिया हाट में इस बार आदिवासी संस्कृति की मनमोहक झलक देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियां, ढोल-मांदल की थाप पर झूमते नजर आए और पूरे हाट में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

भगोरिया हाट में ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। युवतियां रंग-बिरंगी साड़ियों और पारंपरिक आभूषणों में सजी हुई थीं, वहीं युवक भी साफा बांधकर और पारंपरिक परिधान पहनकर उत्सव में शामिल हुए। ढोल और मांदल की गूंज से पूरा हाट क्षेत्र आदिवासी लोकसंस्कृति के रंग में रंग गया। हाट में पारंपरिक वस्तुओं, मिठाइयों और स्थानीय उत्पादों की दुकानों पर भी काफी भीड़ रही। लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर भगोरिया पर्व की शुभकामनाएं दीं।

यह पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और परंपराओं को जीवित रखने का प्रतीक माना जाता है।बरझर का भगोरिया हाट हर वर्ष की तरह इस बार भी शांति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ, जहां आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराएं जीवंत रूप में देखने को मिलीं।