झाबुआ डेस्क
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झाबुआ।भारती मजदूर संघ के अखिल भारतीय अधिवेशन में पारित प्रस्तावो पर आधारित ज्ञापन जिसमें भारतीय मजदूर संघ का 21वां अखिल भारतीय त्रि वार्षिक 03 दिवसीय अधिवेशन विगत 6,7,8 फरवरी 2026 को भगवान जगन्नाथ के पवित्र स्थल पुरी, उडीसा में सम्पन्न हुआ इस अधिवशन में देशभर में उपस्थित श्रमिको से संबंधित ज्वलंत मुद्दो पर गहराई से चर्चा हुई। तदपश्चात सभी प्रस्ताव को सर्वानुमति से पारित किया गया। इस अधिवेशन से पहले भारतीय मजदूर संघ के एक प्रतिनिधि मण्डल ने माननीय श्रम तथा रोजगार मंत्री से मुलाकात की थी तथा अनेक मांगो का एक ज्ञापन पत्र उन्हें सौंपा था। मुलाकात के वक्त माननीय मंत्री महोदय ने प्रतिनिधि मंडल को भरोसा दिलाया था कि उठाए गए मुद्दो की जांच कर अतिशीघ्र इसका समाधान किया जाए
मुख्य मांगे बिंदु वार इस प्रकार है..
. सभी सेक्टर तथा सभी श्रमिकों के लिए, श्रम कानूनो को बिना किसी छूट के, अन्त्योदय की सच्ची भावना के साथ एक साथ लागू किया जाए। दो लेबर कोड अर्थात “इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड 2020” तथा “ऑक्यूपेशनल सेफ्टी” हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन कोड 2020 में व्याप्त श्रमिकों की चिताओं का समाधान किया जाए। त्रिपक्षीय तंत्र का पुनरुधार और सुदृढ़ीकरण किया जाए। इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस को अविलंब आहूत किया जाए। अनेक त्रिपक्षीय कमेटियां का पुनर्गठन किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि यह समितियां प्रभावी तथा नियमित रूप से श्रमिको के कल्याण हेतु व्यवहारिक रूप से कार्य करें।

EPS -95 के अन्तर्गत न्यूनतम पेंशन रू. 1000/- से बढ़ाकर 7500/- प्रतिमाह महंगाई भत्ते के राहत के साथ लागू किया जाए। EPF में अनिवार्य अंशदान के लिए वर्तमान वेतन सीमा 15000/- से बढ़ाकर 30000/- प्रतिमाह किया जाए। इसी प्रकार वर्तमान में ESIC के तहत कवरेज के लिए मासिक वेतन सीमा रूपए 21000/-प्रतिमाह है, जिसे बढ़ाकर 42000/- रू. प्रतिमाह किया जाए।
बोनस भुगतान अधिनियम 1965 के तहत बोनस की पात्रता हेतु कैलकुलेशन की वर्तमान सीलिंग 7000/- तथा एलिजिबिटिी सीलिंग लिमिट रू. 21000/- प्रतिमाह बढ़ोतरी की जाए। भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 और 21 की मूल भावना के अनुसार, स्कीम वर्कर और ठेका श्रमिकों को स्थाई किया जाए।
आम भर्ती (General Recruitment) पर लगी रोग की तुरन्त हटाया जाए तथा नौकरियां में बिना किसी अनिश्चितता या असुरक्षा के गारंटीड रोजगार का भरोसा दिया जाए। इसके अलावा अधिवेशन के दौरान भिन्न-भिन्न उद्योगों में कार्य करने वाले श्रमिकों, के हितों की रक्षा और उन्हें आगे बढ़ाने के मकसद से कई सेक्टर विशेष के प्रस्तावों पर विचार विमर्श किया गया और उन्हें सर्वसम्मति से अधिवेशन के प्रस्ताव के रूप में पारित एवं अंगीकार किया गया। समूचे भारत से आए प्रतिनिधियों के द्वारा पारित किए गए सभी संबंधित प्रस्ताव की