दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
आज फिर एकलव्य हॉस्टल के छात्र और छात्राएं हॉस्टल की सारी सीमाएं लांघ कर सड़क पर उतरे किसी भी अधिकारी जिसमें राजस्व विभाग , पुलिस विभाग , स्वास्थ्य विभाग , शिक्षा विभाग , हॉस्टल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की समझाइश के बाद भी नहीं माने ।दाहोद आम्बुआ भाभरा राष्ट्रीय राज्य मार्ग से पैदल ही अलीराजपुर जिला कलेक्टर से प्राचार्य को हटाने के लिए निकल पड़े धीरे धीरे छात्र छात्राएं प्रशासनिक अधिकारियों के संरक्षण में अलीराजपुर के नजदीक आरटीओ कार्यालय के पास अपर कलेक्टर एसडीएम वीरेंद्र सिंह ने बीच सड़क पर छात्र छात्राओं को रोककर उनकी मूल समस्या को जाना छात्र छात्राएं एकलव्य की प्राचार्य को हटाने के साथ साथ कुल पांच शिक्षकों पर जाती सूचक शब्द गवार और अन्य आरोप लगाकर हटाने को लेकर अड़े रहे कुछ समय बाद वह अपनी लिखित दो पेज की शिकायत पर सीडीएम वीरेंद्र सिंह के हस्ताक्षर के बाद माने इसी बीच कांग्रेस युवा जिला अध्यक्ष पुष्पराज पटेल ने बच्चों को पानी की बोतल और फल उपलब्ध करवाए उसके बाद उनके सहयोग से दो पटेल पब्लिक स्कूल की बसों से एकलव्य हॉस्टल बच्चों को प्रशासन के साथ छोड़ कर गए उसके बाद भी सभी छात्र छात्राएं प्राचार्य को हटाने के लिए एकलव्य के ऑटोटोरियम में बैठे रहे वहां जिला शिक्षा अधिकारी संजय परवाल और अन्य जिला शिक्षा कार्यालय के अधिकारियों ने बच्चों से लिखित में शिकायत दर्ज की और बड़ी मुश्किल के बाद बिना नाश्ता किए छात्र छात्राओं ने खाना खाने के लिए माने अंतिम समय तक छात्र छात्राओं का विरोध विद्यालय की प्राचार्य और कुछ शिक्षकों को झेलना पड़ा । और छात्र छात्राएं भोजन के बाद भी वापस आकर शिकायत के लिए अड़े हुवे है । आज एकलव्य हॉस्टल भवन और छात्र छात्राओं से चर्चा के दौरान और मौके को देखने के बाद अंदर अभी काफी समस्याएं है ।

भोजन में चावल का पानी डाल और सब्जी में डालकर बच्चों को बिना मीनू के दिया जा रहा है साथ ही ड्रेस और अन्य ट्रैक शूट लोवर भी नहीं मिले होने की शिकायत दी साल भर में आने वाली सामग्री भी एक बार ही दी गई जब हॉस्टल संचालित हुवे थे तब से अभी तक दोबारा कुछ नहीं दिया गया और जो राशि मिलती है संचालन के लिए छात्र छात्राओं को वो राशि आज तक उनके खातों में कभी भी नहीं डाली गई ।साथ ही आसपास कोई बाउंड्रीवाल नहीं कोई भी व्यक्ति यहां आसानी से अंदर आ सकता है और जा सकता है ।जैसे वार्डन का पति शराब पीकर छात्राओं के हॉस्टल में अंदर तक सिर्फ बिना अनुमति हाफ चड्ढा पहनकर घूमता है । और आज भी उसी अवस्था में मीडिया को भी नजर आया ।सड़क का भी निर्माण अभी भी अधूरा है ।साथ ही भोजन में छात्र छात्राओं को रोजाना काजू बादाम खिलाए जा सकते है इतनी राशि शासन से प्राप्त होती है लेकिन आज उनको चावल उबाले हुवे पानी को दाल में मिलाकर दिया जाता है जो जिले के शिक्षा अधिकारी जिला कलेक्टर सांसद और विधायक के स्थान साथ साथ अन्य आदिवासी सामाजिक संगठनों के नाम पर राजनीति करने वाले लोगों के लिए शर्म की बात है ।

संजय पोरवाल जिला शिक्षा अधिकारी के कल तो फोन पर बात नहीं की थी आज उनसे हमारा सामना एकलव्य मे ऑटोटोरियम रूम में हो गया और जब उनसे जाना यह सारा मामला क्या है।तो उनका कहना है इससे हमारा कोई इंटर फेयर नहीं है सारे बजट केंद्र और राज्य सरकार से आते है और सारे शिक्षक शिक्षिकाएं साथ ही प्राचार्य भी केंद्र से ही नियुक्ति होती है जिनको तत्काल अभी हटाया नहीं जा सकता है जांच दल को लिख दिया है वो जांच दल जो भी रिपोर्ट देगा उसपर आगे से कार्यवाही होगी ।

वीरेंद्र सिंह अनुविभागीय अधिकारी से भी उनका मत जाना तो उन्होंने छात्र छात्राओं के सामने ही सड़क पर अपनी बात रखी फिलहाल प्राचार्य ही मौखिक रूप से जिला कलेक्टर ने हटा दिया है और उनकी जगह शिक्षकों में से किसी एक शिक्षक को प्रभारी प्राचार्य बना दिया है जो आगामी आदेश तक हॉस्टल का प्रभार संभालेंगे ।आगे सभी समस्याएं मैने स्वयं छात्र छात्राओं से लिखित में ले ली है उनपर गहन जांच कर आगे विधिवत कार्यवाही की जाएगी जिसके लिए आगे सम्बन्धित विभाग को जिला कलेक्टर महोदय द्वारा अवगत करवा दिया है आगे एकलव्य हॉस्टल मामले में क्या अपडेट आती है आपको अगले अंक में वॉयस ऑफ झाबुआ में पढ़ने मिलेगा ।