झाबुआ डेस्क
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झाबुआ। जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर नेहा मीना द्वारा मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 (क, ख) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में लोक-शांति एवं सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से दो आदतन अपराधियों को छह माह की अवधि के लिए जिला बदर किए जाने के आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेशानुसार अनावेदक बुवारिया पिता कोदर डामर, निवासी ग्राम मोईचारणी, जिला झाबुआ तथा अनावेदक विशाल पिता राजेश डामोर, निवासी आवास कॉलोनी, मेघनगर, जिला झाबुआ को आदेश प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर झाबुआ जिले की राजस्व सीमा सहित समीपवर्ती जिले धार, रतलाम, आलीराजपुर एवं बड़वानी की राजस्व सीमाओं से बाहर जाना होगा। उक्त आदेश छह माह की अवधि तक प्रभावशील रहेगा। इस अवधि में सक्षम न्यायालय की पूर्व लिखित अनुमति के बिना संबंधित क्षेत्रों में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
पुलिस अधीक्षक जिला झाबुआ द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार अनावेदक बुवारिया पिता कोदर डामर, निवासी ग्राम मोईचारणी, थाना पेटलावद, आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। इसके विरुद्ध थाना पेटलावद में मारपीट सहित विभिन्न प्रकरण दर्ज हैं। वर्ष 1998 से यह थाना क्षेत्र पेटलावद में आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है। इसके विरुद्ध पूर्व में प्रतिबंधात्मक कार्यवाही भी की गई, किंतु व्यवहार में सुधार परिलक्षित नहीं हुआ। इसके कृत्यों से आमजन के व्यापार-व्यवसाय एवं दैनिक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न हो रही थी तथा लोग भयवश रिपोर्ट दर्ज कराने या साक्ष्य देने से कतराते थे। अपराधों की पुनरावृत्ति से क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए जिला बदर की कार्यवाही आवश्यक पाई गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में उल्लेखित है कि अनावेदक विशाल पिता राजेश डामोर, उम्र 31 वर्ष, निवासी आवास कॉलोनी मेघनगर, थाना मेघनगर, गुण्डा प्रवृत्ति का होकर क्षेत्र में भय एवं आतंक का वातावरण निर्मित कर लोक व्यवस्था एवं परिशांति को प्रभावित कर रहा था।
प्रतिवेदन अनुसार अनावेदक के विरुद्ध विभिन्न आपराधिक गतिविधियों, जैसे मारपीट, अवैध वसूली, अवैध शराब विक्रय, अवैध हथियार धारण करना एवं मादक पदार्थों के अवैध विक्रय आदि से संबंधित प्रकरण दर्ज हैं। वर्ष 2019 से यह अपने साथियों के साथ कस्बा मेघनगर एवं आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय रहा है, जिससे आमजन में भय का वातावरण निर्मित हो रहा था तथा लोक शांति प्रभावित हो रही थी। उक्त परिस्थितियों में मेघनगर एवं आसपास के क्षेत्रों में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला बदर की कार्यवाही की गई है। उल्लेखनीय है कि दोनों अनावेदकों के विरुद्ध मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 (क, ख) के अंतर्गत यह कार्यवाही की गई है, ताकि जिले एवं आसपास के क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।