थांदला शासन से निर्देश आने के बाद बिना रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस के खाद्य पदार्थों का कारोबार व्यापार करने वालों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि खाद्य पदार्थों का किसी प्रकार का करोबार बिना लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के नही किया जा सकता है । इसको लेकर एक बार फिर सर्वे चल रहा है और जिनके रजिस्ट्रेशन नहीं इनपर करवाई भी की जा रही हे बिना रजिस्ट्रेशन वालों को नोटिस, जुर्माना और उनके खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही की जा रही हे हमारे द्वारा थांदला में कई छोटी बड़ी मिष्ठान की दुकानों पर जाकर जांच पड़ताल की गई हे जिसमें अधिकतर दुकानों पर पंजीकर्ड और लाइसेंस तो मिले परन्तु जो शाम को जो बाहरी लोग जो छोटी दुकानें लगा हरियाणा स्पेशल जलेबी के नाम से दुकान संचालित कर रहा हे उसके यहां जांच की गई तो पता चला कि उस व्यापारी द्वारा बिना खाद्य पंजीयन व्यवसाय संचालन कर रहा हे तभी खाद्य विभाग अधिकारी द्वारा प्रकरण दर्ज किया गया
वहीं खाद्य विभाग अधिकारी राहुल अलावा ने बताया
खाद्य विभाग ने बिना खाद्य पंजीयन के व्यवसाय संचालन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ मामला भी दर्ज किए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत, सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए लाइसेंस या पंजीकरण अनिवार्य है। इस नियम का उल्लंघन करने पर जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
कार्रवाई और कारण
अनिवार्य पंजीकरण: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के अनुसार, सभी खाद्य व्यवसायियों के लिए एक लाइसेंस या पंजीकरण आवश्यक है, चाहे उनका व्यवसाय छोटा हो या बड़ा। कानूनी उल्लंघन: बिना पंजीकरण के खाद्य सामग्री का संचालन करना इस अधिनियम का उल्लंघन है और इसके लिए कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। कार्रवाई के उदाहरण: ऐसे मामलों में, खाद्य सुरक्षा अधिकारी न्यायालय में प्रकरण दायर करते हैं, जहां दोषी पाए जाने पर जुर्माना लगाया जा सकता है, जैसे कि १० हजार से ५० हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है। अतिरिक्त दंड: कुछ मामलों में, लाइसेंस निलंबित या निरस्त भी किया जा सकता है।
व्यवसायियों के लिए सुझाव
ऑनलाइन आवेदन करें: यदि आप खाद्य व्यवसाय कर रहे हैं, तो तुरंत FSSAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें और पंजीकरण प्राप्त करें। सभी नियमों का पालन करें: खाद्य पदार्थों की खरीद-बिक्री हमेशा लाइसेंस या पंजीकरण प्राप्त लोगों से ही करें। जागरूक रहें: विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियानों और नियमों के बारे में जागरूक रहें, ताकि किसी भी कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।