
*सुनिल डामर*
दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेसवे विकास के लिए बनाया गया था,लेकिन झाबुआ जिले के (मोवडीपाडा)तलावड़ा गांव के ग्रामीणों के लिए यही एक्सप्रेसवे अब मुसीबत बन गया है।ग्रामीणों का कहना है कि एक्सप्रेसवे निर्माण के बाद गांव के अंतिम मुक्ति धाम (श्मशान घाट) तक जाने वाला मुख्य रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। जिसके कारण ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
*ग्रामीणों में आक्रोश*
तलावड़ा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि पहले मुक्ति धाम तक जाने के लिए रास्ता था, लेकिन 8 लेन बनने के बाद कंपनी ने रास्ते को बंद कर दिया और न तो अंडरपास दिया गया और न ही सर्विस रोड छोड़ा गया। मजबूरी में ग्रामीणों को 8 लेन पर होकर जाना पड़ता है,जिसमें दुर्घटना का भय बना रहता है।ग्रामीणों ने प्रशासन और NHAI से कई बार गुहार लगाई है,लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई।ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द मुक्ति धाम तक जाने के लिए वैकल्पिक रास्ता या अंडरपास या ओवरब्रिज बनाया जाए,ताकि अंतिम यात्रा में हो रही परेशानी खत्म हो सके।
विकास जरूरी है,लेकिन विकास के नाम पर अगर अंतिम यात्रा का रास्ता ही बंद हो जाए तो ऐसा विकास किस काम का –
*मुकेश गेहलोत,योगेश कटारा स्थानीय ग्रामीण*