सुनिल डामर
प्रति वर्षानुसार तेजा दशमी के अवसर पर मंगलवार को सेमलिया में सत्य वीर तेजाजी महाराज की भव्य शोभायात्रा निकाली गई।इसका शुभारंभ सुबह कालिका माताजी मंदिर से हुआ।शोभायात्रा में डीजे की धुन पर युवा नाचते हुए चल रहे थे।एक सजी हुई बग्गी में तेजाजी महाराज का चित्र विराजमान था।यह यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए करीब डेढ़ किलोमीटर दूर बामनिया रोड पर स्थित तेजाजी मंदिर तक पहुंची,जहां श्रद्धापूर्वक छत्री,निशान अर्पित किए गए। जिसके पश्चात ताती टूटने प्रारंभ हुआ। मंदिर पर सुबह से ही दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी, दर्शन का सिलसिला शाम तक चलता रहा।

एक मान्यता यह भी–
तेजाजी महाराज की महिमा पर आज भी ग्रामीणों का अटूट विश्वास कायम है। मान्यता है कि जहरीले जानवर के काटने पर तेजाजी महाराज के नाम से ताती (धागा) बांधने से जहर का असर नहीं होता। यह धागा सालभर पीड़ित व्यक्ति के हाथ या पैर में बंधा रहता है, जिसे बड़ी दशमी के दिन मंदिर में ताती तोड़कर खोला जाता है।
तेजा दशमी पर किसान भाई खेती-बाड़ी का कार्य भी विराम देकर श्रद्धा भाव से उपवास रखते हैं। दिनभर मंदिर प्रांगण में भक्तों की भीड़ लगी रही। पुरुष,महिलाएं व बच्चे दर्शन और पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते रहे।