रिंगनोद:- (योगेश गवरी) महामृत्युंजय तप की अनुमोदना के अवसर पर रिंगनोद में विशाल वरघोडा निकाला गया तपस्वी सिद्धि अनिल कोठारी मासक्षमण 31उपवास की तपस्या के अनुमोदनार्थ सुसज्जित रथ विराजित भगवान की प्रतिमा के समक्ष जैन धर्मावलंबियों द्वारा अछत गहुली की गई तथा तपस्वी के वरघोडा का ढोल बाजे एवं शहनाई मंडल किताब पर आदिवासी नृत्य प्रस्तुत करते हुए चल रहे थे नगर में जगह-जगह तपस्वी बहन का स्वागत अभिनंदन किया जा रहा था जैन भजन विष्णु स्थान की धुन पर युवक युवतियों नृत्य करते हुए चल रहे थे शोभायात्रा के नगर भ्रमण पश्चात योगमाया धर्मशाला में पहुंचने पर कोठारी परिवार द्वारा प्रभाव ना माटी गई पश्चात विशाल धर्म सभा का आयोजन किया गया विशाल शोभायात्रा एवं धर्म सभा को नगर की कुल दीपिका श्री तारण रत्ना श्रीजी एवं सौम्य रत्ना श्री जी के सानिध्य प्रदान किया । धर्मसभा का शुभारंभ साध्वी श्रीजी के मंगलाचरण से किया गया ।

जिनेश कोठारी स्वागत भाषण देते हुए आयोजन का उद्देश्य बताया । तब करने से व्यक्ति के जीवन में सब प्रभातिया सुरक्षा एवं सात गति को प्राप्त किया जा सकता है आयोजित धर्म सभा को संबोधित करते हुए साध्वी श्री तारण रत्ना श्री जी ने कहा कि मानव जीवन कई भावों की कर्म निर्जरा करने के पश्चात ही हमें प्राप्त होता है तब धर्म आराधना से ही यह जीवन सुखमय बनता है समय रहते ही हमें देवगुरु की कृपा से अच्छे कर्म कर धर्म आराधना कर शुभ कर्म की जागृति का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए अभी जैन समाजजनो के पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व आ रहे हैं इस हेतु समस्त श्रावक श्राविकाओ को अधिक से अधिक संख्या में जप तप धर्म आराधना कर अपने जीवन को सार्थक बनाने की प्रेरणा साध्वी श्री जी ने उपस्थित जन समुदाय को दी इससे पूर्व नवरत्न परिवार मालवा के वीरेंद्र जैन राजगढ़, पारस जैन टांडा, विजय मेहता धार ,अशीष पंवार रिंगनोद एवं राजेंद्र लोढा टांडा ने भी धर्मसभा को संबोधित किया तथा तपस्वी बहन सिद्धि कोठारी की महामृत्युंजय तप की पूर्ण होने की पर बहुत-बहुत अनुमोदना की ।अनिल कोठारी परिवार की ओर से स्वामीवात्सल्य काआयोजन रखा गया इस कार्यक्रम में नवरत्न परिवार मालवा द्वारा अभिनंदन पत्र बैठकर सिद्धि कोठारी की तप की अनुमोदना की तथा मांगीलाल महेश कुमार अनमोल चौरडिया परिवार की ओर से भी सिद्धि कोठारी की अनुमोदना कर सम्मान पत्र भेंट किया ।