कट्ठीवाडा/ संपत धाकड़
कट्ठीवाडा शास्त्रों में गुरु के पद को सूरज और साक्षात गोविंद से भी बड़ा माना गया है। सूरज बाहरी दुनिया का अंधकार मिटाता है पर गुरु भीतर के मन का अंधकार मिटाकर शिक्षा के साथ चरित्र को आलोकित करता है।

ऐसे में गुरु की इस महिमा को क्षेत्र के गांव ध्याना की हाई स्कूल में एक गुरु के शिष्यों ने समझा और अपने गुरु की सेवानिवृति पर ठाठ-बाठ से ढोल बाजो के साथ कंधे पर बैठाकर जुलूस निकाला व जुलूस स्कूल से प्रारंभ होकर उनके गाँव कवछा तक निकाला

भावुक हुए स्टाफ ,शिष्य व गांववासी
प्राचार्य कवछा निवासी गोविंद बामनिया 30 दिसम्बर को सेवानिवृत हो गए। 14 साल तक प्राचार्य पद पर रहे बामनिया ने अपना कार्यकाल कट्ठीवाडा क्षेत्र के हाई स्कूल ध्याना में पूरा किया। सेवानिवृति पर उनके स्टाफ ने उनके सम्मान में एक यादगार समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर मंडल संयोजक नानसिंह धाकड़,brc शैलेन्द्र सींग डावर , शिक्षक नन्दलाल तोमर,राजेश तोमर ,निरंजन तोमर ,acs अध्यक्ष रतिलाल तोमर ,स्टाफ ,बच्चे व अन्य ग्रामीण लोग उपस्थित रहे