रिंगनोद:-(योगेश गवरी) राजगढ कुक्षी मार्ग पर रिगनोद से 10 कि. मी की दूरी पर स्थित टांडा के अाम्बुआ सोठी के समीप विराजित अति प्राचीन भैरवनाथ मंदिर 23 नवंबर को भैरवनाथ जन्मोउत्सव धूम धाम से मनाया गया मंदिर को आकर्षक सजाया गया 10 किलो पारद सिदुर से चोला चढ़ाकर अभिषेक किया गया महाआरती के साथ ही भंडारे का आयोजन हुआ जिसमे सैकडो लोगों ने महाप्रसादी का लाभ लिया कार्यक्रम में गुजरात महाराष्ट्र के साथ मध्य प्रदेश के कई प्रमुख संत श्री पांच दश नाम जूना अखाड़ा मीनाक्षी पूरी माताराम, उज्जैन से श्री ममता गिरी माताराम, गुजरात से श्री सरजू गिरी बापू , गुजरात चोटीला से श्री गिरनारी बापू गंगाकुई से श्री सूरज पुरी बापू, गौतम गौतमपुरा से श्री मौजपुरी गुरुजी ने भाग लिया टांडा के भेरू घाट पर भेरुजी का मंदिर 150 वर्ष पुराना होकर बीहड घने जंगल के बीच स्थित है मार्ग के समीप स्थित है। कर घार के 15 खतरनाक मोड़ है पूरा घाट सर्प के आकार का बना हुआ है यात्री भैरव घाट भैरू बाबा के दर्शन व वंदन कर अपनी यात्रा सकुशल कामना कर दर्शन करते हैं। वही मंदिर पुजारिन माताराम मीनाक्षी सुबह से देर रात तक भगवान भैरवनाथ की सेवा में लगी रहती है