भियां सभी को राम राम…!
लो भियां मैं फिर आ गिया कुछ कही-अनकही के साथ….भियां बडे बुजुर्ग के कर गए है… मूंह में राम और बगल में छुरी… ऐसेईज भियां धर्म की आड में साईको कर रिया है… जो अपने आप को मातृ शक्ति संगठन पदाधिकारी बन पहले तो गौ हत्यारों को संगठन के नाम से डराता है.. फिर उन गौ हत्याओं के ऐवज में अच्छी खासी रकम वसुल करता आ रिया है… कुछ समय पेले भियां इसने एक मातृ शक्ति संगठन के नाम पर अपनी दुकानदारी जमाई फिर ये उनके सामने राम राम जपता गया… और दुसरी ओर चाचा जान बन कर चादर चढाने पहुंच गया… जब संगठन को पता चला तो इसकु दरकिनार कर दिया… भियां धर्मान्तर को लेकर मातृ संगठन जोर शोर से मुखर आवाज उठाता आया है… कईयों की घर वापसी भी हुई… जिससे बडे बडे संत भी जुडे है… जिन्होने आज झाबुआ जिले की तस्वीर ही बदल दी… एक ऐसी तस्वीर बना दी एक पुजनिय संत ने जिसे आज पुरा जिला पुजता है… उनके संगठन के नाम से धर्मान्तर करवाने वालों से सेटिंग कर इसने फुल माला पहन अपना सम्मान करवा लिया… जिसकी तस्वीरे वायरल भी हुई और संगठन को प्रशासन और पुलिस का हवाला देकर भ्रमित कर दिया… वो भी इसलिए कि यहां भी इसकी दुकानदारी जम जाये… फिर क्या भियां दुकानदारी जम भी गई… फिर क्या भियां धर्म की आड में रोटियां सेकने वाला ये साईको कभी रहीम तो कभी रॉबर्ट बन गया…।
भियां इस साईको को बस बडा बनने की आदत है… कोई भी संगठन हो ये घुस ही जा है… और अपनी दुकानदारी जमा ही लेता है… लेकिन मातृ शक्ति संगठनों को ऐसे बेहरूपिये पर लगाम कसने की नितांत आवश्यकता है… अगर अभी ध्यान नही दिया गया तो आगे ये बडे कांड कर सकता है…! भियां और भी भोत कुछ है जैसे किन गौ हत्यारों से है इसकी सेटिंग… लॉक डाउन में धर्म के नाम पर क्या खेला खेल..
अब जा रिया… लेकिन जाते जाते एक बात और बिता दुं.. भियां साईको… ये जो तुम खेल खेल रिये हो… वो उसके बारे में सब पता है… तुमारे गुर्गो के भी सब रेले पता है… ये जो दुसरों के कंधों पर आवेदन निवेदन का खेल खेल रिये हो… सब समझ में आ रिया है… मरद के बच्चे हो तो पीठ पीछे नी सामने से वार करों… और जो वर्ग विशेष का तुमारा जो गुर्गा है.. उसने जो अतिक्रम करवा रखा है… और जो खेल खेले है उजागर होंगे तो मुंह दिखाने लायक नी रोगे… अब जा रिया… जय राम जी की…!