भियां दिवाली का सभी को राम राम…!
लो भियां मैं फिर आ गिया कुछ कही-अनकही के साथ…
भियां अधिकारियों और नेताओं को ब्लैकमेल करने वाले ठिकरम और उसके गुर्गो की आज मैं बडी रौचक कहानी सुनाने जा रिया है.. भियां ये ठिकरम तो औरतों का दलाल निकला… अपने ही समाज की महिला और उसकी बेटी का यौन शोषण करने वाले अपने गुर्गे को संरक्षण देता है… महिलाओं को कोई भी मेटर हो… ये दलाली जरूर करेगा… भियां स्वर्गीय नेताजी (पटेल साब) के समय नरक पालिका में इसको सफाई कर्मियों ने कमरे में घेर कर खुब मारा था… बडे बुजुर्ग बताते है उस समय इसको घेर के मुत भी पिलाया था… और मुत भी बडे स्वाद से इसने पीया था…!
अब एक इसका गुर्गा है भागेला… जो खुब उचल रिया है… काले कारनामें तो इसकें भी खुब है ढाबे पर दारू बेच कर अपना पेट पाल रिया है… भियां दलाली तो इसका पुराना काम है… ये भागेला अपनी बेन की दलाली कर आगे… बडा… एक वर्ग विशेष के व्यक्ति के पास अपनी बेन को भेज उससे खर्चा पानी ले लेता था… भागेला दारू कुटिये… घर पहुंचता देर से है और घर में सेंध कोई ओर मारता है… वो भियां मैं आपकु अगले अंक में बिताउंगा… पेले भियां अपन ठिकरम की बात कर ले!
भियां इस बार अलीराजपुर के सेठ भी इसको पेलने में कोई कसर नी छोडेगे… जो नेताओं के दम पर ये उछलता है… वो नेता भी इस बार इसके पिछवाडें में डंडा करने में कोई कसर नी छोडेगे… अपने को राजा केता… अरे भाड खाउ… तेरे से बडे बडे वां बैठे है… और जो राजवाडे के लिए तु कलेक्टर, तहसीलदार और नेताओं के खिलाफ जो लिख रिया है.. जल्द ही उसका भुगतान तू करेंगा..!
अब जा रिया… लेकिन जाते जाते एक बात और बिता दुं… सुन दारू कुटिये भागेले…. तेरी जन्म कुण्डली निकाल ली है… बेन के दलाल…. जो तेको मनघडन्त कहानियां बिता रिया है… उसका जीवन तो अब झंट है… वो तो घेरेे में आ गिया है… अब वो निपट गिया समझो और ठिकरम का जो दुसरा गुर्गा है… उसकी भी मां बेटी के अवैध संबंधों का रिकार्ड आ गिया है मेरे पास… सुन भागेले… अगलें अंक में बिताउंगा… घर में सेंध कौन मार रिया है… बच्चे किसके जैसे है… नाहर भील से हुं.. तारा घेर थी तोकी ली जाई… झटकाई दी तन.. जाई रो… दीवाली नु राम राम…!