वॉइस ऑफ झाबुआ से प्रद्युम्न वैरागी की रिपोर्ट
खवासा। रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण मास के आखिरी सोमवार को धूमधाम के साथ मनाया गया। बहन-भाई के प्यार का प्रतिक इस त्योहार को लेकर घर-घर में व्यापक तैयारियां की गई थी। सोमवार की सुबह लोग स्नान कर देवी देवताओं की पूजा अर्चना किया। इसके उपरांत बहनों ने भाइयों की कलाई में रक्षा सुत बांधकर जन्म जन्म तक सुख-दु:ख में साथ निभाने का वचन भाईयों से लिया। वहीं भाईयों ने भी बहनों को उपहार देकर हमेशा साथ निभाने का वादा किया। इस दौरान मुंह मीठा करने का दौर भी जारी रहा। घर के बुढे- बुजुर्गों का पैर छुकर आशिर्वाद लिया। दोपहर में अधिकांश बहनों ने भाई की कलाई पर राखी सजाई और उपहार पाकर अपनों के साथ खुशियां मनाई सुबह से शुरू हुआ रक्षाबंधन का त्यौहार रात तक चलता रहा। रक्षाबंधन पर सबसे ज्यादा एक्साइटेड बच्चे रहे सुबह से ही भाई-बहन इसे लेकर हालचाल करते नजर आए। इसके अलावा मिलने वाले उपहारों का इंतजार बच्चों को रहा। साथ ही मनपसंद के पकवान और मामा के घर घूमने जाने का मौका भी बच्चों के लिए रोमांच भरा था रक्षाबंधन पर सबसे ज्यादा खुश बच्चे ही नजर आए। ईश्वर पूजन के बाद भाई को तिलक मिष्ठान पूजन नारियल के साथ बहन ने राखी बांधी। इस मौके पर बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। ग्रामीण क्षेत्राें में भी भाई-बहन का पावन पर्व रक्षा बंधन धूमधाम से मनाया गया। बहन अपने भाईयों की कलाई में रक्षा सुत बांध कर जन्म-जन्म तक सुख-दु:ख में साथ निभाने का वचन भाईयों से लिया। रक्षा सुत बांधने के बाद बहन अपने भाई को मिठाई खिलाया।
बाजार में भी दिखी रौनक
रक्षाबंधन पर्व को लेकर बाजार में भी रौनक देखने को मिली। हर तरफ दुकानों पर रंग बिरंगी राखियां सजी हुई। नगर के साथ ही आसपास के गांवों से भी महिलाएं अपने भाइयों के लिए राखियां खरीदने बाजार में पहुंची। बाजार में गणेश, शिव, स्वास्तिक, मोती, रुद्राक्ष से बनी राखियां महिलाओं को पसंद आई, जिनकी बाजार में कीमत 10 रूपए से शुरू है। बच्चों की बात करें लाइटिंग वाली राखी, टेडीबियर कई तरह की राखियां बच्चों को ज्यादा पसंद आ रही। इसके साथ ही रक्षाबंधन पर भाई अपनी बहनों को देने के लिए सामान्य गिफ्ट से लेकर कपड़ो की खरीदारी हुई। वहीं शगुन की वस्तुओं, फलों, मिठाई और कच्चे नारियल की भी बिक्री जोरों पर हुई।