रिपोर्टर-पीयूष राठौड़
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झकनावदा। सरकारों के स्वास्थ्य सेवाओं दावों को झूठा साबित कर रहा है झकनावदा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जहां एक तरफ सरकार बेहतर इलाज का दावा करती है लेकिन वही ग्रामीण स्तर पर यह शून्य के मुताबिक साबित होता है। पेटलावद तहसील जिले को बड़ी तहसील होने के बावजूद भी यहां के ग्रामीण क्षेत्रों की यह हालत काफी निंदनीय है। झकनावदा स्वास्थ्य केन्द्र पर डॉक्टर की कमी होने से मरीजों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है यहाँ अस्पताल में सिर्फ एक ही डॉक्टर है वो भी ज्यादातर शासकीय कार्यो से बाहर रहते है ऐसे में मरीजों के उपचार के लिए कोई नही होता है और मजबूरन झोलाछापों की शरण में जाना पड़ता है। अगर कही विवादित स्थिति में मरीज को तुरंत उपचार की आवश्यकता होती है तो भी पेटलावद या गुजरात जाना पड़ता है। ऐसे में जनहानि का भी खतरा है। सरकार के दावे यहां पस्त दिखाई देते हैं। सरकार द्वारा जहां स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लाखो करोड़ो रूपये खर्च करने के दावे किए जाते हैं परंतु सारी सुख सुविधा यहाँ कागजों में ही नजर आ रही है।