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आदिवासी गरीब कमजोर बच्चो को पढ़ाने का जुनून ऐसा की : अपने खर्च से कोचिंग संचालित कर, फ्री दे रहे शिक्षा  30 से अधिक बच्चो का नवोदय, एकलव्य, कन्या शिक्षा परिसर में हुआ चयन

इंदौर । खाकी वर्दी और पुलिस वालों को देखकर हर कोई सहम जाता है। लेकिन इंदौर में पदस्थ एक वर्दीधारी है जो समाजसेवा के अलग-अलग व अनेक दिशा में काम कर समाज के उत्थान करने हेतु अपनी पूरी क्षमता लगा रहा है। जिसके कार्यो की चर्चा इन दिनों गांव व शहर में है। मूलतः धार जिले के ग्राम अतरसुमा (डही) के भूपेंद्र बामनिया जो पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ है। भूपेंद्र बामनिया बच्चों के भविष्य बनाने के लिए इंदौर जैसे महानगर में निःशुल्क कोचिंग सेंटर खोल कर बच्चों को मुफ्त शिक्षा देकर एक शिक्षा क्रांति की मुहिम चला रहें हैं। बताते हैं कि आरक्षक भूपेंद्र का समाजसेवा में रूचि बचपन से है। बचपन से ही पुलिस सेवा में जाकर समाज की सुरक्षा और सेवा का निर्णय लें चुके थे। 

स्कूल में दाखिले के लिए कोचिंग दिलवाते हैं –

उन्होंने बताया कि पिछले 2 वर्षो से सुमन फाउंडेशन व शिखर एकेडमी इंदौर द्वारा संचालित मिशन आदिउदय के माध्यम से आर्थिक रूप कमजोर परिवार के बच्चों को निःशुल्क ऑनलाइन शिक्षा प्रदान की जा रही है। जिससे की बच्चो को ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से स्कूलों में दाखिला आसानी हो जाता है। जिसमें इस सत्र में 30 से अधिक बच्चो का नवोदय, एकलव्य, कन्या शिक्षा परिसर में चयन हुआ है। अगर कोई विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर है तो वह निःशुल्क शिक्षा चाहता है तो वह प्लेस्टोर ऑनलाइन प्लेटफार्म पर शिखर एकेडमी एप्पलीकेशन से जुड़ सकता है। उनके ऑनलाइन निःशुल्क कोचिंग सेंटर में बच्चों को पढ़ाने के लिए एडमिशन हेतु दिन-प्रतिदिन बच्चों की संख्या बढ़ रही है व दूर-दरा व क्षेत्र के बच्चें इस निःशुल्क शिक्षा से लाभांवित भी हो रहें हैं।

इसके संचालन में उनकि पत्नी रंजना बामनिया व मित्र अनिल रावत का भी सहयोग रहता है। अनिल रावत भी अपनी पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को पढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। वे भी आदिवासी बाहुल्य अलीराजपुर जिले जोबट विकाशखण्ड के ग्राम कदवाल निवासी है। अनिल कहते है कि अगर गरीब तबके के बच्चों को हम अच्छी शिक्षा मुहैया कराएंगे तो ही अच्छे नागरिक कहलाएंगे। यह हमारे समाज के हर एक सक्षम व शिक्षत जिम्मेदार नागरिक, हमारे चरित्र, हमारी सोच और हमारे कर्म में अब रच-बस जाना चाहिए। तब ही बच्चो का भविष्य सुधार में शिक्षा का सुधार होगा। वही हम शिक्षा के प्रति जागरूक होंगे, तो ही समाज व देश बदलेगा और तरक्की करेगा।

इसके अलावा अपनी टीम के साथ भीमा नायक रक्त समूह के माध्यम से रक्तदान का महाअभियान पूरे इंदौर संभाग सहित आसपास के जिलों में चला रहें हैं। इंदौर व आसपास के जिलों से किसी भी स्थान में किसी भी ब्लड के जरूरतमंद व्यक्ति को ब्लड की रूरत पड़ती है तो सूचना मिलते ही इनकी समिति उन्हें निःशुल्क ब्लड अथवा रक्तदाता उपलब्ध कराने हेतु पूर्ण प्रयास करते हैं।

आरक्षक भूपेंद्र बामनिया इसी जनसेवा विचारधारा के कारण वह अपने वेतन का कुछ हिस्सा जनसेवा अथवा जनहित में लगाते हैं। एक तरफ़ समाज की सुरक्षा दायित्व, दूसरी तरफ़ समाज के हित का दायित्व निर्वहन करना प्रशंसा के पात्र हैं।

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