झाबुआ
आदिवासी समुदाय के समग्र विकास के लिए खर्च होनी चाहिए, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, स्थानीय रोज़गार, आजीविका, आवास, बुनियादी ढांचा, सामाजिक कल्याण व संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण व सवर्धन के लिए होना चाहिए। लेकिन हम देखते आये है की पिछले कुछ सालों में इस फंड में सैकड़ों करोड़ रुपये जमा भी हुए, लेकिन वो पैसा कहां खर्च हुआ? एक लाइन में कहें तो आदिवासियों के विकास के लिए आया पैसा उनके विनाश की जमीन तैयार करने में खर्च कर दिया गया। या तो किसी और मद में खर्च कर दिया गया है! इस राशि को आदिवासियों के विकास को दृष्टिगत रखते हुए नीति बनाकर निश्चित समय अंतराल में इस राशि को खर्च किया जाना चाहिए, एवम् इसकी समीक्षा प्रत्येक माह होना चाहिए, ट्राइबल सब प्लान की राशि का व्यय आदिवासियो पर ही हो इसके लिए जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) अब ट्राइबल सब प्लान कमेटी बनाएगा, जो सरकार द्वारा खर्च किए जाने वाले राशि की मॉनिटरिंग करेंगे एवम् सरकार को सुझाव भी देंगे!
ताकि राशि का सदुपयोग ब्लॉक स्तर पर हो सके और आदिवासियों का आर्थिक विकास हो एवम् शिक्षा, स्वास्थ्य व स्थानीय स्तर पर रोजगार मिले तथा पलायन रुके!