भियां सभी को राम राम…
लो भियां मैं फिर आ गियां कुछ कही-अनकही के साथ…भियां आपने वो कहावत तो सुनी होगी… बंदर कितना भी बुढा हो जाये वो गुलाटियां मारना नी भूलता…. ऐसेईज हमारे गंजे बिहारी पीछवाडा चाटु भाई साब है… जो कभी इधर तो कभी उधर गुलाटियां मारतेईज रेते है… भियां लोकसभा चुनाव के पेले भियां गुमान के पीछवाडे में ऐसे घुसे रेते थे कि गुमान बोले चाट तो चाट लेते थे… टिकट घोषणा होने के कुछ दिन पेले ये रात रात भर दुसरों को गिराने की प्लानिंग करते रेते थे… लेकिन खुद गिर गिये… और टिकट हाथों से चली गई… अब भियां गंजे बिहारी ने थोडीईज देर में ऐसा पाला बदला की पुछोईज मत… भियां विधानसभा में ईनोने भानु को हराने में कोईज कसर नी छोडी… थी… अंदर ही अंदर ईनोने भानु को डेमेज किया…! भियां इस बहार से आये पीछवाडा चाटु गंजे बिहारी को शुरू से सपना था जो कभी पुरा नी होगा… भाजपा जिलाध्यक्ष बनने का… और इसी सपने को पुरा करने के लिए कभी इस पाले में कभी उस पाले में बंदर की तरह गुलाटियां मारता रेता है… भियां लोकसभा चुनाव में भी इसी सपने को साकार करने के लिए ये भानु की छवि धुमिल करता रिया… आपने सुना होगा हर गांव में एक औरत ऐसी होती है… जो इस घर से उस घर में कानाफुसी कर झगड़े घालती है… उससे भी खतरनाक है… ये झगड़े घालु… जो बडी शातिरता से भाजपाईयों के बीच भानु के खिलाफ कानाफुसी करता रहा… लेकिन सब को मालुम है भानु काम कर रिया था… इसके जैसे थोडी नेताओं के पीछे घुम चाट रिया था… वो भी इसलिए क्योंकि इसको भाजपा जिलाध्यक्ष बनना था जो कभी बन नी पायेगा… लोकसभा चुनाव होते ही इसने नये कुर्ते भी सिलवा लिये… और केने लगा अब तो भानु का जिलाध्यक्ष से हटना तय… इसने चुनाव में काम नी किया.. लोग सभा चुनाव में इसने कितने नागर के पैसे खाये.. ये जल्द ही बिताउंगा… भियां गुमान की टिकट खारिज होतेईज ये नागर की गौद में बैठ गिया… और उसे पीछे पीछे जाकर चापलुसी करने लगा… फिर लगा चुन्नु फाम में है तो उसकी ऐसी चापलुसी करने लगा की चुन्नु बोले पीछवाडा धो तो ये वो भी धो दे… ये दोनों बाप बेटे सोशल मीडिया पर ऐसे ज्ञान पेलते है कि येईज ज्ञानी हो… पर लोग इनकी हंसी उडाते है… ये इनकों नी मालुम…! भियां और भी भोत कुछ है वो बाद में बिताउंगा…।
अब जा रिया… लेकिन जाते जाते एक बात और बिता दुं… पीछवाडा चाटु गंजे बिहार…. ये जो तुमारा बेटा सोशल मीडिया पर के रिया ने चौथा स्तभ… चौथा स्तंभ… तो एक बात के दुं… कलम की नोक पीछवाडे में ऐसे घुसाउंगा… कि कहीं बैठने लायक नी रोगे… पिक्चर अभी बाकि है… आगे आगे देखो… होता है क्या.. लेकिन अब भाजपा जिलाध्यक्ष तो नी बनोगे… अब जा रिया… जय राम जी की।