निलेश डावर वॉइस ऑफ झाबुआ
जोबट में यूं तो हर रोज कहीं भी ट्रैफिक जाम लगा दिख जाता है लेकिन कई बार ऐसे नजारे भी दिख जाते है, जो इमरजेंसी वाहनों को जगह देने वाला भी कोई नही मिलता, क्या बीतती होगी उस मरीज परिजन और वाहन चालक पर जो एम्बुलेंस में सवार होते है।

जगजाहिर है अभी ग्रामीण क्षेत्रों में शादियां जोरों से चल रही है, और खरीद दारी के लिए बाजार में जनसंख्या बड़ना जायज है, लेकिन बड़े वाहनों के नगर में प्रवेश और बेवजह घूमने वाले वाहनों की वजह भी ट्रैफिक व्यवस्था को बिगाड़ने की एक वजह है,

लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था देखने की जिम्मेदारी शायद जोबट प्रशासन द्वारा नहीं निभाई जा रही है, बाहर के चौराहे पर खड़े रहकर चालान काटकर ही तेवर दिखाए जाते है

, लेकिन नगर की ट्रैफिक व्यवस्था आइना दिखा रही है की एक एमबलेंस को निकलने के लिए कितना स्ट्रगल करना पड़ रहा है..?? जोबट ट्रैफिक व्यवस्था की नाकामी सामने आ रही है।