वॉइस ऑफ़ झाबुआ-
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झाबुआ। सटटा, जुआ, नशीले प्रदार्थ और न जाने क्या क्या अवैध व्यापार… जो आप भी सोच नही सकते… और वो भी कुछ दल्ले किस्म के भाजपाईयों के संरक्षण में चल रहे है…! जो बात तो हिन्दुत्व की करते है… लेकिन वर्ग विशेष के सटोरियों को संरक्षण देते है… जो विपक्ष पार्टी में हमेशा भाजपा को चुनौती देते आये है… सोशल मीडियों पर सटटे, जुए के मक्कडजाल फैलने और पुलिस की कार्रवाई पर प्रश्न चिन्ह देखने को मिल रहा है.. लेकिन भाजपाई ही इन सटोरियों को संरक्षण दे तो आखिर पुलिस करें तो क्या करें… पुलिस कार्रवाई तो करती है… दलाल पहले पहुंच जाते है… कुछ दिनों पहले की ही बात करें तो अकिल को पुलिस ने पकडा और दलाल ऐसे सक्रिय हुए कि जैसे… उनका किसी ने बलात्कार कर दिया हो… किसी गाडी पर सटोरिया बैठ कर गया ये तो सीसी टीवी में साफ नजर आ रहा है… लेकिन ये दलाल ऐसे है कि दलाली के चक्कर में अपना पीछवाडा भी परोस दें… अकील, फरू दो ऐसे सटोरियो है जो बडे पैमाने पर सटटे का कारोबार करते है… कई अपराध भी इन पर पंजीबद्ध है… इन्ही में एक के बेटे की वजह से थांदला नगर में एक बडा विवाद हुआ था.. लेकिन फिर भी भाजपा के कुछ दलाल इनकी दलाली करते है… अब जिस दिन अकिल को पकडा तक… एक ऐसा दलाल… जो लुगाईयों को देखते ही नजरों से अपनी प्यास बुझा लेता है… हिन्दु संगठन के बडे पद पर ये मामे दलाल काबिज भी रहा… लेकिन क्या है क्या पता इन सटोरियो ने इसे भी एक हनी इसकी प्यास बुझाने के लिए दे दी हो… तभी तो ये थाने पर पहंुच गया था… पुलिस से बस यही निवेदन है… अकिल और फरू जैसे अपराधियों पर नकेल कसे… इन दलालों का क्या ये दलाली ही कर खायेगे…. लेकिन आज इनकी वजह से पुलिस बदनाम हो रही है। पुलिस कप्तान जी सटटे, जुए के गढ थांदला पर विशेष ध्यान दिजीये… कहीं ये अपराधी… कोई बडी घटना न कर दे।