भियां सभी को दिवाली का राम…राम…लो भियां मैं फिर आ गिया कुछ कही-अनकही के साथ…. भियां कल शाम को गुटखा लेने मित्र की दुकान पर गिया… वां सुटटा मार ही रिया था कि… मित्र का फोन आ गिया… मित्र केने लगा… भियां कां हो… दिवाली का राम… राम तो कर लो… मैने किया भियां राम… राम… कां है… अभी आ जाता हुं… वां गिया और दोस्त के साथ एक टपरी पर चाय सुटटा मारते हुए बतियाने लग गिये… अचानक से मित्र केने लगा… भियां मालुम है कि नी… काले भाई साब और चुराना ने हाथ छाप वालों से तगडा सौदा किया है… मैने किया भियां मैकु तो नी मालम तु बिता रिया है तो पता चला… बिता पुरा मामला क्या है…. दोस्त केने लगा… भियां काले भाई साब… चुराना और उनके पुरे मित्र मंडल ने हाथ छाप वालों से भानु का सौदा किया है कि नरक पालिका का अध्यक्ष चौथी बीबी का सपना देखने वाले की बीबी को बनाओं हम हाथ छाप को जीतवायेंगे… और भियां इसमें इनको अच्छे लक्ष्मी यंत्रों की सौगात भी मिली है… मैंने किया भियां काले भाई साब को कौन नी जानता…. लक्ष्मी यंत्रों के लिए ये अपने घर वालों का सौदा कर दे…. भियां दोस्त मेरी बात को काटते हुए केने लगा… भियां तुमकों नी मालुम… चौथी बीबी का सपना देखने वाले की तीसरी बीबी किसी दुसरे के साथ भाग गई… मैंने किया… नी रे… उससे तो चौथी बीबी का सपना देखने वाला खुब मेसेज मेसेज खेलता था दिन रात… दोस्त केने लगा… भियां ये मेसेज मेसेज खेलता रे गिया… असली खेल तो दुसरा ही खेल गिया… मैने किया भियां गुरू चेला एक जैसे ही है… पेले गुरू दारू पीकर नाली में पडा रेता था और किसको पेलता था ये सब को मालुम है… अब सुखे अंगुर को छात्रा के वास में जाकर पेल रिया है… खैर भियां अपने को क्या लेना देना… पर एक बात के रिया हुं… कि भानु हार गिया… तो ये काले भाई साब… चुराना… बेवडा… बीबी के पल्लु के पीछे छुपने वाला… चौथी बीबी का सपना देखने वाला इन सब के ऐसे काम डलेंगे की पुछोंईज मत… और चुराना को तो वापस हाथ छाप में जाना पेडेगा… तभी दोस्त केने लगा… भियां चुराना के तो कई मामले है… तुमको मालुम है कि नी.. ये अध्यक्ष बनते ही अपने बच्चें की कसम खा गिया था… चुनारा के गांव में चुराना को कोई नी पुछता है… एक बार भी इसने इसके क्षेत्र में जाकर ये नी किया की भानु का साथ दो… ये बस इसमें ही लग रिया है कि इसको रूपयें कां से मिले…. अब ये गांव में कमलगटटों के समर्थन में एक बार भी ग्रामीण क्षेत्रों में निकले नी और इनकों गाडी में फुल टेंक डिजल चाहीये… खैर अपने को क्या करना… मैने किया भोत समय हो गिया है… मित्र अब मैं निकलता हुं… दोस्त केने लगा कल फिर मिलते है… चुराना के गांव के मित्र भी आयेंगे… तब इसको धक्के मार कर क्यों निकाला… और इसका बेटा नग्गा होकर क्या कर रिया था ये बिताउंगा… मैंने किया ठिक है कल फिर मिलते है… और मैं वां से चल दिया…! तो भियां मैं चलता हंु… लेकिन जाते जाते एक बात और बिता दुं….. ये जो तुम सब मिल कर जो खेल खेल रिये हो… वो सब को पता है… एक दिन पिछवाडे में केकटस वाला पौधा पीछवाडे में ऐसे गोल घुमेगा की सारी जिन्दगी… दुखेगा… पर बोलोगे नी की कां दुख रिया है… अब जा रिया… जय राम जी की…! आपका भियां निकलेश डामोर
चौथी बीबी का सपना देखने वाले की तीसरी बीबी दुसरे के साथ भागी…! काले भाई साब और चुराना ने किया हाथ छाप से सौदा..! लक्ष्मी यंत्रों साथ नरक पालिका अध्यक्ष हमारा बनाओं हाथ छाप को हम जीतायेंगे… चुराना ने तो आपने गांव में नी किया भानु का साथ दो…!
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