नगर में सैकड़ो अवैध क्लिनिक संचालित हो रहे है पर कोई अधिकारी इस और ध्यान देने को तैयार नहीं सब पैसों की मोह माया
फर्जी डॉक्टर ने डेंगू पेशेंट को भर्ती कर बालिका कि ली जान डेंगू पेशेंट निकलने पर स्वास्थ्य विभाग को भी अवगत नही कराया गया
फर्जी डॉक्टर फोजमल नायक ने खूब चलाया लक्ष्मी यंत्रों का खेल रिपोर्ट में फर्जी डॉक्टर का नाम ही नहीं लिखा गया
पूर्व उपाध्यक्ष और जयस संगठन द्वारा विरोध कर फौजमल डॉक्टर के नाम कि रिपोर्ट दर्ज कराइ गइ
किस प्रकार की कार्य प्रणाली है थांदला थाने की समझ के परे

अविनाश गिरी
वॉइस ऑफ़ झाबुआ-
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झाबुआ जिले के थान्दला नगर एमजी रोड स्थित साई नर्सिंग होम जहा पर ग्रामीण महिला के परिजन 19 साल की बालिका पायल राजू मईडा को उपचार के लिए साईं नर्सिंग होम पर ले कर आए उस टाइम बालिका अपने पांव पर चलकर आई थी फोजमल नायक द्वारा उस 19 साल की बच्ची की जांच की जांच के बाद बालिका को डेंगू निकलता है परंतु फर्जी डॉक्टर फौजमल डेंगू होने के बावजूद भी स्वास्थ विभाग को अवगत नही कराया । और उसका उपचार करता रहा पैसों की लालच में फर्जी डॉक्टर बच्ची का इलाज चालू कर देता है परंतु फर्जी डॉक्टर के इलाज से उस बालिका की तबीयत और बिगड़ जाती है और फर्जी डॉक्टर का उपचार हमेशा हाई डोज रहता है जिससे लोगों को लगता है कि हम जल्दी सही हो रहे हैं परंतु हाइ डोज के कारण उस समय तो वह बीमारी दब जाती है किसी किसी की बोड़ी हाय डोज सहन नहीं कर पाती है और तबीयत अचानक से बिगड़ जाती है तो इन फर्जी डॉक्टरों द्वारा उस पेशंट को हाथों-हाथ दूसरे अस्पताल भेज दिया जाता है इस प्रकार से इन फर्जी डॉक्टरों का कारोबार चलता रहता है थांदला नगर में ऐसे कई क्लीनिक संचालित हो रहे हैं जिनके पास एक भी डिग्री नहीं है वह किसी भी बंगाली डॉक्टर के पास प्रैक्टिस कर अपना खुद का क्लीनिक संचालित कर लेते हैं यदि उनकी मार्कशीट देखी जाए तो वह दसवीं पास भी नहीं होंगे वह डॉक्टर बन यहां ग्रामीणों का उपचार कर रहे हैं परंतु प्रशासन ईस और ध्यान देने को तैयार ही नहीं कई ग्रामीणों की थांदला में इन फर्जी डॉक्टरों द्वारा जान ले ली गई है परंतु स्वास्थ्य विभाग अधिकारी अपनी मस्ती में मस्त दिखाई देते हैं जहां तक सूत्र बताते हैं कि इनका एक सिंडिकेट चलता है जिससे यह सब मिलकर राशि एकत्रित करते हैं और उच्च अधिकारियों को पहुंचा देते हैं जिस कारण इन्हें किसी का भी डर नहीं दिखाई देता क्योंकि इनके द्वारा अधिकारियों को हर महीने एक मोटी रकम यहां से एकत्रित कर भेजी जाती है आपको यह भी बता दे कि अधिकारी फर्जी डॉक्टर का साई नर्सिंग होम सील करने में भी आनाकानी कर रहे थे परंतु बालिका के परिजन द्वारा उसकी डेट बॉडी वहां से नहीं उठाई गई और उनका कहना एक ही था इस साइ नर्सिंग होम को सील किया जाए उसके बाद हम बॉडी उठाएंगे नहीं तो नहीं उठाएंगे जैसे तैसे अधिकारियों ने भी सोच कि माहौल बिगड़ता दिख रहा है सील करना ही पड़ेगी उसके पश्चात अधिकारियों ने उस नर्सिंग होम को सील किया गया सूत्रो से मिली जानकारी फर्जी डॉक्टर द्वारा खूब चलाया गया लक्ष्मी यंत्रों का खेल थाने पर भी पीड़ित परिवार की रिपोर्ट सही से नहीं लिखी गई जिस हिसाब से परिजन रिपोर्ट लिखा रहे थे और जो बता रहे थे उस मुताबिक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई फौजमाल नायक का नाम तक पहले रिपोर्ट में दर्ज नहीं करवाया गया क्योंकि वहां पर पहले ही लक्ष्मी यंत्र चल गए थे उसके पश्चात जय संगठन के पदाधिकारी बलवेंद्र वसुनिया को पूर्व उपाध्यक्ष मनीष बघेल को इस बारे में पता चला तो वह अगले दिन सुबह थाने पर पहुंचे पूरी घटना देखि और उसके पश्चात एसडीओपी से बातचीत की गई और उसके बाद एसडीओपी ने टीआई से डॉक्टर फोजमल नायक का नाम रिपोर्ट में दर्ज नहीं कीया गया इस बारे में बात की ओर एसडीओपी ने टिआई राजकुमार कंसारिया को फर्जी डॉक्टर फौजमन नायक का नाम दर्ज करने को कहा गया उसके पश्चात राजकुमार कंसारिया ने फर्जी डॉक्टर का नाम रिपोर्ट में दर्ज करवाया गया पुलिस प्रशासन की कार्य प्रणाली संधे के घेरे में रिपोर्ट तो दर्ज कर ली गई थी परंतु किसी का भी नाम रिपोर्ट में दर्ज नहीं होना यह किस प्रकार की रिपोर्ट थांदला थाने द्वारा दर्ज की गई एसपी साहब थोड़ा सा इस और भी ध्यान दीजिए आपकी साफ सुथरी कार्य प्रणाली पर टिआई राजकुमार कंसरिया पानी फेरते दिखाई दे रहे हैंl टी आई राजकुमार कंसरिया द्वारा आते ही कई कारनामों को अंजाम दे चुके हैं
पढ़ने वाले बच्चों पर किस प्रकार दबाव बनाकर उन्हे डरा कर रिपोर्ट दर्ज करवाई क्या था मामला अगले अंक में पढ़िए वॉइस ऑफ झाबुआ पर l