सरदारपुर:-( योगेश गवरी)
धार जिले की सबसे बड़ी तहसील होने के बावजूद भी सदरपुर मूलभूत सुविधा के लिए आज भी वंचित नजर आ रहा है नगर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही है इसका जीता जागता उदाहरण स्वास्थ्य सेवाएं सरदारपुर कितनी बड़ी तहसील होने के बावजूद भी यहां स्वास्थ्य सेवाएं लचर स्थिति है नगर सुधार पुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होने के बाद बावजूद भी यह मूलभूत सुविधा ना होने के कारण मरीज को अन्यत्र निजी अस्पताल में इलाज करवाने मजबूरी हो गई है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरदारपुर में मूलभूत सुविधा ना होने से मरीजों को भटकना पड़ता है ऊंचे दाम पर निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता इस बार से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की लेक्चरर हालात सामने दिखाई दे रही है चुनाव आते ही नेता लोग अपने स्वार्थ के लिए जनता को गुमराह करती है और चुनाव जीतने के बाद जनता की ओर ध्यान नहीं दिया जाता है और इन्हें मूलभूत सुविधा के लिए भटकना पड़ता है धार जिले की सबसे बड़ी तहसील होने के बावजूद भी मूलभूत सुविधा से वंचित सरदारपूर हैं स्वास्थ्य सेवा के प्रति सरकार को सकारात्मक रुख अपनाना होगा तभी स्वास्थ्य सेवाएं सुधर पाएगी
वही सबसे बड़ी समस्या खरमोर अभ्यारण जिससे हजारों किसानों की संचित भूमि खरमोर अभ्यारण की भेंट चल गया यह समस्या विकराल रूप आज तक कोई समस्या का निराकरण नहीं हो पाया है खरमोर अभ्यारण के तहत हजारों किसान की भूमि इसमें इस अभ्यारण में शामिल हो गई है जिसके कारण वहां पर जिसका कोई उपयोग ही नहीं है और ऐसी ही बंजर अवस्था में पड़ी है जबकि कर्म और अभ्यारण के अंतर्गत यह ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय पक्षी है ऑस्ट्रेलिया के पक्षी सुरक्षित करने के लिए वहां की सरकार ने भारत सरकार को अनुदान दिया जिससे उनकी सुरक्षा उपाय जिसके चलते भी सरदारपुर तहसील की अधिकांश भूमि को खरमोर अभियान से चिन्हित किया गया तब से लेकर आज तक इस भूमि का कोई निराकरण नहीं हो पाया है
वही कोराना काल में सेवा देने कर्म वीर योद्धा को उनकी सेवा का उचित लाभ देखकर उन्हें सरकारी नौकरी के लिए योग्य माने तभी उनकी सेवा का उचित मान मिल पाएगा इन कर्मवीर योद्धा के द्वारा कोराना काल में अपनी सेवा देकर हजारों मरीजों की जान बचाई उन्हें इन का उचित पारितोषिक मिलना चाहिए
इन सभी तीन प्रमुख मांगों को लेकर आम पार्टी के कार्यकर्ता अनशन पर बैठे हैं इसमें धार जिला आम पार्टी जिला उपाध्यक्ष राकेश सोलंकी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कि हमारी तीन प्रमुख मांगें इन मांगों को नहीं माना गया तो यह अनशन चलता रहेगा।