



विनय पंचाल पिटोल | ग्राम घाटिया में नवनिर्मित पुलिया जिसको बने अभी महीना भी नहीं हआ एक दो बारिश में ही उसके निर्माण को लेकर सवाल उठने लगे | ग्रामीण मुकेश बिलवाल , तडवी पानसिंह बिलवाल व नागनखेड़ी सरपंच विजय मछार की माने तो ग्रामीणों ने घटिया सामग्री के उपयोग करने पर आपत्ति भी जताई लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर मौके पर मौजूद कर्मचारी अपने काम में लगे रहे। ग्रामीण बताते हैं कि कार्य के प्रारंभ से ही यही स्थिति हैं काम की स्थिति को देखने भी संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर आएं ग्रामीणों द्वारा आपत्ति जताने पर भी उन्होंने इस ओर नहीं ध्यान दिया। इसी बात का फायदा उठाकर ठेकेदार द्वारा पुल के निर्माण में मनमानी बरती जा रही है। अमानक स्तर की सामग्री जिसमे बहुत ही कम मात्रा में सिमेंट और मिट्टी मिली रेत सहित गिट्टी डस्ट का उपयोग कर निर्माण कार्य किया गया है। निर्माणाधीन पुल में अभी से सीमेंट झड़ रहीं हैं जबकि सही सामग्री का उपयोग नहीं किए जाने से कुछ स्थानों पर दरार दिखने लगी हैं।
मुख्य ढाचे की तली में दिखने लगा सरिया……..उखड़ी पीसीसी…..टूटी संरचना
नवनिर्मित पुलिया की छत जिसपर टिकी है वह मुख्य ढाचा अपनी तली में सरिया दिखाते हुए ग्रामीणों के आरोपों की पुष्टि कर इस निर्माण की हकीकत बयान कर रहा है | वही पुलिया की तली में जहा पानी बहता है वहा पीसीसी ( प्लेन सीमेंट कंक्रीट) किया गया था जो भी उखड गया | साथ ही पानी बहाव से नाले से सटे खेत की मिटटी के कटाव बहाव को रोकने हेतु टंकीनुमा आकर में बनायीं गया निर्माण भी ऐसे बिखरा दिख रहा मानो मिटटी से बना हो | स्थानीय ग्रामीणों की मांग है की इस पुरे निर्माण की निष्पक्ष जाच होनी चाहिए।
हमारे पास नहीं ठेकेदार के नंबर हम बस काम करते है
पुरे निर्माण पर लगे ग्रामीणों के आरोप पर जब वहा काम करने वाले है मंगल देवड़ा से निर्माण की जानकारी मांगी तो उन्होंने कहा की हमको सिर्फ इतना पता है की हम अमित कंस्ट्रक्शन कंपनी के निचे काम करते है | ना तो हमारे पास ठेकेदार का नंबर है ना ही इस निर्माण से जुडी कोई जानकारी |
एमपीआरआरडीए झाबुआ सब इंजीनयर प्रकाश धाकड़ से संपर्क कर मामला संज्ञान में लाकर जानकरी लेना चाहा तो उनकी व्यस्तता के चलते सम्पर्क नहीं हो पाया |