क्या जिला कलेक्टर करेंगे कार्यवाही सरपंच सचिव पर ।
मनरेगा सुदूर सड़क पर काम करने वाले फर्जी ठेकेदार और जेसीबी और ट्रैक्टर मालिको पर ।
दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
अलीराजपुर जिले में जिस तरीके से जिला कलेक्टर की अनदेखी और निष्क्रियता के कारण जिले भर के सरपंच सचिव और सहायक सचिव आम ग्रामीणों का अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर रोजगार छीन रहे है । जैसा कि पहले भी जोबट जनपद क्षेत्र में एक सरपंच पोकलेन मशीनों से तालाब का निर्माण कर रहा था और उस तालाब के फोटो और वीडियो खूब सोशल मीडिया में वायरल हुवे थे जिसके बाद मीडिया में उसकी खबर भी लगी लेकिन उस पोलकेन मशीन के मालिक पर और सरपंच सचिव और सहायक सचिव पर क्या कार्यवाही हुई वो आज तक पता नहीं चली उसको देखते हुवे कालुवाट सरपंच ने भी अपनी मनमानी से बिना लाइसेंस ठेकेदार और बिना प्रमिसन जेसीबी लगाकर राजस्व क्षेत्र से गुजरने वाली नदी से सैकड़ों ट्रैक्टर नदी की मिट्टी निकालकर उसका उपयोग सड़क बनाने में किया।वो भी दिन और रात में चोरी छिपे जिससे राजस्व विभाग और राज्य शासन को राजस्व का सीधे तौर पर नुकसान पहुंचा ।देखना है।इस प्रकार के सरपंच सचिव और सहायक सचिवों के मिलिभगत से ग्राम पंचायतों में मनरेगा निर्माण के कामों में फर्जी मस्टर भरकर लाखो रूपयो की हेरा फेरी कर ली जाती है और जिले के जवाबदार अधिकारियों के कानो को कुछ भी खबर तक नहीं लगती।सोचने वाली बात है की जिले में एसडीएम तहसीलदार ग्राम पटवारी और चौकीदार भी है जिनका दायित्व है की उनके कार्यक्षेत्र में राजस्व की जमीन पर कोई अतिक्रमण ना कर सके और कोई गिट्टी और मिट्टी बिना अनुमति के ना ले सके लेकिन जहा देखो वहा फर्जी तरीके से कही से भी सड़क निर्माण करने वैसे ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनों से मिट्टी और गिट्टी निकालकर शासन को राजस्व का चूना लगाते है साथ ही ग्रामीणों से उनका रोजगार भी छीनते है जिससे शासन की महत्वाकांक्षी योजनाएं जिनके द्वारा आम आदिवासी क्षेत्र के ग्रामीणों को रोजगार देखकर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाना है लेकिन ऐसे भ्रष्टाचारी सरपंच सचिव और सहायक सचिव साथ ही फर्जी जेसीबी मशीनों के मालिक और फर्जी ठेकेदार मिलकर जिले की योजनाओं में पलीता लगाकर खूब भ्रष्टाचार कर अपनी तिजोरियां भर रहे है ।जिनकी जांच कर जिला कलेक्टर महोदय को इन पर कठोर कार्यवाही करनी चाहिए साथ ही ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनों को जप्त कर ठेकेदार और। जेसीबी मालिक पर भी कठोर कार्यवाही करनी चाहिए।