
विनय पंचाल पिटोल
राष्ट्रीय आयुष मिशन, आयुष विभाग मध्य प्रदेश शासन के अंतर्गत विकासखण्ड स्तरीय “आयुष मेला” ग्राम पंचायत परिसर में 23 मई को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया गया | शिविर का आयोजन आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरी का पूजन कर प्रारंभ किया गया। शिविर में 1127 मरीजो का परिक्षण कर निशुल्क परामर्श सहित औषधियों का वितरण किया गया | क्षेत्र में पहली बार हुए इस प्रकार के मेले या शिविर जिसका मुख्य उदेश्य आयुर्वेद के प्रति लोगो में जागृति लाना साथ ही भारतीय एतिहासिक चिकित्सा पद्धति को मुख्य धारा में लाना था | क्योकि त्वरित इलाज से एलोपैथी के बड़ते प्रचालन के कारण लोग उसके दूरगामी दुष्परिणाम को भूलकर छोटी छोटी बीमारियों जिनका इलाज घर के देशी नुस्खो से भी किया जा सकता है नहीं करते जिसका मुख्य कारण है जानकारी का आभाव व अनुपलब्धता लेकिन जिस उदेश्य को ध्यान में रखकर शिविर लगाया गया वो पूरा होने के साथ ही पिटोल क्षेत्र से इतनी बड़ी संख्या में आयुर्वेद की लोकप्रियता दिखाई दी | जिससे स्पष्ट होता है की स्थानीय लोगो में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता है कमी है चिकित्सालय की |
कार्यक्रम में अतिथियो के रूप मे ग्राम पंचायत पिटोल सरपंच प्रतिनिधि मकनसिंह गुन्डिया , वरिष्ठ पत्रकार व कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष निर्भय सिंह ठाकुर , वरिष्ठ पत्रकार भूपेंद्र नायक , पिटोल उपसरपंच किसन नागर, पत्रकार विनय पंचाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में औषधीय पौधों का महत्त्व बताते हुए ग्रामीणों व अतिथियों में वितरण भी किया गया |
अतिथियों सहित चिकित्सको ने बताए आयुर्वेद के गुण……
डॉ.दीपेश कठोटा द्वारा पर्यावरण के अनुरुप जीवन शैली का महत्व बताते हुए प्रकृति, धरती व नियती तीनों के समान संरक्षण पर प्रकाश डाला व कहा कि संपुर्ण प्रकृति ही आर्युवेद है। बस जरुरत है तो इन्हें समझकर उपभोग करने की। जैसे की हमारे दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले मसाले भी ओषधिय गुणों से परिपूर्ण है बस हमें चाहिए की निरोगी रहने के लिए इनका उचित व संतुलित उपयोग करे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मकनसिंग गुंडिया ने कहा कि हमारे पुर्वज अंग्रेजी दवाईयों के बीना ही लम्बा ओर निरोगी जीवन जीते थे। इस अवसर पर अतिथि जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष निर्भयसिंह ठाकुर नें बताया कि क्षैत्र आर्युवेद चिकित्सा से अछुता है। जबकि इसका ईलाज लम्बा जरुर किंतु स्थाई होता है। हमारे बीच ही हमारे आस पास प्रकुति ने बहुत कुछ दिया है किंतु हमें उनका ज्ञान नहीं होने के कारण हम उसका समुचित लाभ नहीं ले पा रहे है। इस तरह के शिविर लोगों को आयुर्वेद चिकित्सा के लिये प्रेरित करेंगे। पत्रकार भुपेन्द्र नायक नें कहा कि क्षैत्र को एक आर्युवेद चिकित्सालय की भी जरुरत है। पिटोल एक ऐसा मुख्यालय है जहां आसपास के तकरीबन 40 गांव इससे जुडे है।
कार्यक्रम का संचालन कर रही डा. नीलिमा चैहान द्वारा भी अतिथियों सहित उपस्थित जनमानस को आयुर्वेद का महत्त्व बताते हुए रोग विशेष सहित विभिन्न मोसमो में केसे दिनचर्या में किस आहार को सम्मिलित करने से निरोगी रहा जाये इसकी भी जानकारी दी गयी | वहीं शंकर बसोड, द्वारा योग करवाकर लोगों को योग के प्रति जागरुक भी किया।
इन चिकित्सको सहित कर्मचारियों ने दी सेवाए….
शिविर में खासकर वातरोग, जोडों के दर्द, अर्श, भगंदर, मधुमेह, स्त्रीरोग, संचारी असंचारीरोग, पेट रोग का विशेषज्ञों द्वारा परिक्षण कर दवाईयों का वितरण किया गया।
आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. कैलाश पाटीदार, कलमसिंग बारिया, नरवर डामोर, नवीन वर्मा, नीलिमा चैहान, भावेश मेरावत, ने मरीजो का परीक्षण कर ओषधी वितरण किया। श्रीमति संगीता कलचिया, पुजा पाटीदार, कुमारी अंतिमबाला डावर व अनिल शर्मा ने मरीजों का पंजीयन किया। श्रीमति शाहिदा शेख, बबली वाल्मिकी, उमेश शर्मा, अंबाराम वाघेला, सैतानसिंह, कमलसिंह, अजय डामोर द्वारा ओषधीयों का वितरण किया गया। पिटोल पंचायत सचिव रमेश गुन्डिया ने भी सराहनीय योगदान दिया।