झाबुआ के इस गांव में देखने मिला मार्मिक दृश्य।
अपने मालिक को अंतिम विदाई में मुक्तिधाम तक छोड़ने गया स्वान।

वॉइस ऑफ झाबुआ।
कहावत है “किसी इंसान को खिलाने कि बजाय जानवर को पाल लेना चाहिए। क्युकी जरूरत पढ़ने पर इंसान नहीं काम आता वह अपना खा कर भी साथ नहीं देता है” कुछ ऐसा ही दृश्य उस वक्त सामने आया जब पारा रातिमाली गांव में एक 22 वर्षीय नौजवान युवक शंकर पिता निहाल वास्केल जो की अपने पीछे पत्नी, 2 नन्ही सी बेटियां और एक बालक को छोड़ कर इस दुनिया को अलविदा कह गया। बताया जा रहा शंकर की बीते करीब 8 दिन तबियत खराब रही । जिसमें पीलिया और टाई फाइड हुआ था, जिसका गुजरात में ईलाज चल रहा था। और ईलाज के दौरान डॉक्टर उसे नहीं बचा पाए शंकर की मृत्यु हो गई समाचार जिसने भी सुना गमगीन होगया जिसके बाद अपने गृह निवास रातीमाली से शंकर के शव को अंतिम संस्कार हेतु शमशान ले जाया जा रहा था। तब शंकर की अंतिम यात्रा के साथ साथ शंकर का पाला हुआ एक कुत्ता भी शामिल हुआ और मुुक्तिधाम तक आया। और वह शंकर के दाह संस्कार तक वहीं रुका जब दाह संस्कार हो गया तब वह कुत्ता भी शमशान से वापस शंकर के घर आ गया।इस वाकिए को देखकर हर किसी की आखे नम हो गईं।