
हाल ही में हरदा में लाडली बहना महासम्मेलन में मंच से अवैध कारोबारियों और गुंडे बदमाशों डंडा मार मार के सीधा कर दो,कोई भी गलत काम करने वालों को नही छोडा जाये पुरा प्रशासनिक महकमा भी वहां उपस्थित था मगर ऐसा लगता है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के ये आदेश प्रशासनिक अमला द्वारा धज्जियां उडाते नजर आ रहा है,जिसका ताजा उदाहरण है राजगढ पुलिस का,झाबुआ से जिला बदर हुए लोकेन्द्र उर्फ लच्छू चौहान जो राजगढ में अपने साथी जिम्मी के साथ जुआ सट्टे का कारोबार कर रहा था,धार पुलिस अधीक्षक जब अलीराजपुर में पुलिस अधीक्षक के रूप में थे तब बोरी में लच्छू के गुर्गो ने पुलिस पर हमला कर दिया था जिसमे पुलिस को चोट आई थी,सुत्रो की माने तो उस समय भी पुलिस अधीक्षक ने मामला शांत कर दिया था और अब लच्छू ने अपने गुर्गे जीम्मी के साथ मिल कर राजगढ में अपना ये सट्टे जुए का कारोबार चला रहा है,बोरी,टांडा और झाबुआ में इसका ये काला कारोबार चलता है और सारी लेनी देन व लेखा जोखा जिम्मी करता है अगर राजगढ पुलिस चाहे तो जिम्मी को आसानी से धर दबोच सकती है मगर न जाने क्यों राजगढ पुलिस इस और ध्यान नही दे रही है,सुत्रों का कहना है कि इसी कारण राजगढ पुलिस को ये कहते है 3-3 हजार में बिकती है राजगढ पुलिस?वहीं सुत्रों का यह भी कहना है झाबुआ पुलिस के भी क्या कहने रात के अंधेरे में जब लच्छू झाबुआ पहुंचता है तो झाबुआ पुलिस ही इसे सारी जानकारी देती है और पहले से सुचना दे देती है,एक और प्रदेश के मुखिया शिवराजसिंह चौहान गुंडे बदमाशों पर नकेल कसने की बात कर रहे है वहीं दुसरी और पुलिस विभाग उनके आदेशों की धज्जियां उडा रहे है,लगता है मुख्यमंत्री के आदेश भी राजगढ पुलिस के सामने कुछ नही है,मामाजी अब तो आपकों ही देना होगा ध्यान नही तो ऐसे लच्छू और जीम्मी जैसे गुंडे बदमाश लोगों के घर बर्बाद करते रहेगे।
राजगढ़ टीआई बोले केसे करते हे कार्यवाही,सामने आकर मिलो
वही पूरे मामले में जब राजगढ़ टीआई कमलसिंह पवार से जानकारी लेना चाही तो उल्टा टीआई भड़कते हुए सबंधित प्रतिनिधि को तमीज का पाठ सिखाने लग गए,वही प्रतिनिधि को अभद्रता के साथ बोलने लगे के कार्यवाही कैसे करते है मेरे सामने आकर मिलो,वही राजगढ़ टीआई को पूर्व में ही दोनो सट्टे माफिया की मय तश्वीर सहित जिला बदर की आदेशित कापी भी डाल कर फोन पर सूचना दी थी परंतु राजगढ़ टीआई द्वारा वो कहा हे कहा रहते है इसकी भी जानकारी प्रतिनिधि से मांगी गई परंतु प्रतिनिधि द्वारा नंबर देने के बावजूद भी उनका पता आज तक नही लगा पाए,वही अखबार में खबर प्रकाशित को लेकर जब राजगढ़ टीआई कमलसिंह पंवार को फोन लगाया तो उल्टा भड़कते हुए प्रतिनिधि के साथ अभद्रता से पेश आने लग गए,जब टीआई पंवार प्रतिनिधि से फोन पर ऐसा व्यवहार करता हे तो थाने पर आने वाले के साथ केसे व्यवहार करते होंगे ये तो राजगढ़ थाना ही जाने पर एक बार तय हे की पुलिस विभाग को मुखबिर और आमजन से अच्छे संबंध के साथ मधुरता से पेश आना चाहिए नही तो आमजन का पुलिस से विश्वास उठ जाएगा।
वही मामले को लेकर जब पुलिस अधीक्षक से बात करना चाही तो उनका कहना था की मामला दिखवाता हु।
मनोज सिंह
पुलिस अधीक्षक धार।