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कलेक्टर ने माही मुख्य बांध का किया निरीक्षण वर्षाकालीन आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा

रिपोर्टर – नारायण राठौड़ 

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झकनावदा । कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने माही मुख्य बांध का निरीक्षण कर डैम संचालन व्यवस्था, अपस्ट्रीम एवं डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में जल आवक की स्थिति तथा डैम से प्रभावित होने वाले गांवों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के उपरांत माही डैम स्थित विश्राम गृह में वर्षाकाल के दौरान डैम के गेट खोले जाने की स्थिति में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की रोकथाम एवं प्रभावी आपदा प्रबंधन के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग श्री विपिन पाटीदार को निर्देशित किया कि डैम के गेट खोले जाने से पूर्व संबंधित विभागों एवं प्रभावित क्षेत्रों को समय पर सूचना प्रेषित की जाए। प्रभावित गांवों में मुनादी कराई जाए तथा सभी स्तरों पर प्रभावी संचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने जिला सेनानी होमगार्ड को निर्देश दिए कि माही डैम क्षेत्र के लिए विस्तृत डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए। गोताखोरों एवं नाविकों की उपलब्धता सुनिश्चित रखते हुए कंट्रोल एवं कमांड रूम से सतत संपर्क बनाए रखा जाए। उपलब्ध संसाधनों, उपकरणों, मानव संसाधन, समय, स्थान एवं जिम्मेदार अधिकारियों की रिसोर्स मैपिंग की जाए तथा आपदा की स्थिति में न्यूनतम प्रतिक्रिया समय सुनिश्चित किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर अन्य जिलों से संसाधनों की उपलब्धता का पूर्व आकलन किया जाए तथा पड़ोसी जिले बांसवाड़ा से भी समन्वय एवं संचार व्यवस्था बनाए रखी जाए। बैठक में बताया गया कि डैम से सामान्यतः पांच गांव प्रभावित होते हैं तथा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति नहीं बनती है। एसडीओ जल संसाधन विभाग ने जानकारी दी कि डैम पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाती है तथा चौकीदारों की वैकल्पिक ड्यूटी व्यवस्था संचालित है।

उन्होंने बताया कि डैम की ऊंचाई फाउंडेशन सहित 46 मीटर एवं फाउंडेशन के बिना 41 मीटर है। डैम के गेट 10 मीटर ऊंचे हैं, जबकि संचालन के दौरान अधिकतम 4 मीटर तक ही खोले जाते हैं। डैम में जल प्रवाह एवं जल उपलब्धता की स्थिति के अनुसार गेट संचालन संबंधी निर्णय लिए जाते हैं। कलेक्टर ने क्षेत्र में डैम के अतिरिक्त भी आपदा प्रबंधन के संबंध में निर्देश देते हुए कहा कि वर्षा ऋतु में विद्युत आपूर्ति, संचार व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता एवं अन्य आवश्यक सेवाओं को निर्बाध बनाए रखा जाए। उन्होंने जागरूकता शिविर आयोजित करने तथा ग्राम स्तर पर आपदा प्रबंधन दलों को सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने पुलिया एवं जलभराव संभावित स्थलों पर चेतावनी संकेतक लगाने, विद्युत तार गिरने जैसी घटनाओं की रोकथाम हेतु विद्युत विभाग द्वारा स्कूलों, अस्पतालों एवं अन्य सार्वजनिक संस्थानों का निरीक्षण करने तथा वर्षा ऋतु के दौरान जनहानि रोकने के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पेटलावद सुश्री तनुश्री मीणा, सहायक कलेक्टर सुश्री आयुषी बंसल, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग श्री विपिन पाटीदार, तहसीलदार श्री अनिल बघेल, नायब तहसीलदार सुश्री अंकिता भिड़े एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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