भियां सभी को राम राम….!
लो भियां मैं फिर आ गिया कुछ कही-अनकही के साथ…. बोलो बोलो कहां लगी… ठिकरम को मिर्ची कहा लगी… कौन सी… लाल या हरी… भाई ठिकरम… ये तो बस मिर्ची है.. अभी तो केक्टस का पौधा पिछवाडे में घुसने वाला है… मैने किया था पिक्चर अभी बाकि है… ये तो ट्रेलर है पिक्चर तो अब शुरू होगी… भियां ये वोईज ठिकरम है जो दशक पहले हाथ छाप से चुनाव लड… पद की लालसा में कमलगटटों की गोद में बैठ उनकी चटने लगा.. और भियां ऐसी चाटी की आखिरकार उपाध्यक्ष का पद हासिल कर ही लिया… अब बिताओं जिस हाथ छाप ने इसकों उंगली पकड चला सिखाया ये उसका नी हुआ तो दुसरों का क्या होगा… ये बंदरों की तरह कभी इधर तो कभी उधर उछाल मारता रेता है….!
भियां ये वोईज ठिकरम है… जो अपने आप को ठिकरम हुसै… केता है… मै ठिकरम हुसै… हुं… ऐसा लग रिया है… इसकाई डीएनए करवाना पडेगा… लगता है ये कटवा बन गिया है… तभी मैं सोचु ये उनके जेसा बर्ताव क्या करता है… आप सोच रिये होगे ये ऐसा क्यों बोल रिया है तो भियां आप लोग ही सोचो.. जिस कलमकार संगठन ने इसको आगे बढाया ये उसकाईज विरोधी हो गिया और खुद का संगठन बना लिया… जो इसका हैईज नी… चलो ये भी ठिक है… ये ठिकरम हुसै… वईज है जिसने अपने भू माफिया दोस्तों के साथ मिलकर दारू पितालकर जबरन ही जमीन हडप ली और कॉलोनी काट रूपये कमाये… लेकिन उस समय ठिकरमकी पंचायती भी बहुत जोरदार हुई थी मेरे भाईयों…!
अब भियां इसकों राजवाडे में हिस्सा छिये… इसलिए भियां ये कलेक्टर, भाजपा पदाधिकारियों तहसीदार के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा है… ताकि ये इस सब को बदनाम कर सके। जबकि जिले को कोई भी गणमान्य नागरिक इसका साथ देने को तैयार ही नही है… भियां ये एक महिला को अपने जाल में फंसा कर उसका शारीरिक शोषण करता रहा… ऐसे भियां कई मामले है… जो मैं आपकु बाद में बिताउंगा..!
अब जा रिया…. लेकिन जाते जाते एक बात ओर बिता हुं… देख ठिकरम… कैकटस का पौधा तेरे पिछवाडे में नी घुमाया तो… देखना… और हां ठिकरम हुसै… डीएनए टेस्ट को तेरा करवाना पडेगा…. ये तो बताव तुम किसकी नस्ल हो… अभी शुरूआत हुई है… पिक्चर अभी बाकि है मेरे दोस्त… अब जा रिया जय रामजी की…!