द चुनाव को लेकर घमासान शुरू हो गया है। सबकी निगाह पार्टी से किसको टिकट मिले इस पर है। सत्ताधारी भाजपा के लिए टिकिट वितरण सबसे बड़ा संकट पैदा कर रहा है। बात करे पेटलावद की तो यँहा पुराने पार्षदो की टिकिट काट नए चहरे को टिकिट देने की सुगबुगाहट चल रही है। अगर ऐसा होता है तो पार्टी को पूरा फायदा होने की संभावना बनती दिख रही है। लेकिन कुछ वार्डो में पुराने चहरे पर दांव लगाना भाजपा को महंगा पड़ सकता है। बात करे वार्ड 1 की तो यँहा से नगर के सेट को टिकिट देने का चल रहा है। जिसका विरोध वार्डवासियों द्वारा खुल कर किया जा रहा है। सेट ने 10 सालों तक नगर परिषद की कुर्सी पर कब्जा किया । जिनका आखरी कार्यकाल इतना बुरा रहा कि अपने एक पार्षद को जीता नही पाए। नगर में इनके कार्यकाल में कार्य तो हुवे पर भरस्टाचार की खबरे भी सामने आई। वार्ड 1 के रहवासियों का कहना हैकि वार्ड का ही रहने वाले को पार्षद के लिए चुनेंगे ताकि वह हर छोटी समस्या उससे कह सके। कुल मिलाकर वार्ड 1 में बाहरी प्रत्याशी का खुल कर विरोध किया जा रहा है।