
हेमंत राठौड़
करडावद प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी सत्यवीर तेजाजी महाराज का पर्व बड़े ही धूमधाम से जतरा के आयोजन के साथ मनाया गया गांव के तेजाजी मंदिर पर उत्सव को लेकर प्रातः से भक्तों का तांता दर्शन हेतु लगा रहा मंदिर पुजारी द्वारा आज के दिन बड़ी जतरा का आयोजन किया जाता है जहां पर पुजारी द्वारा मन्नत धारी व्यक्ति की ताती तोड़ी जाती है जिसका लाभ आसपास के ग्रामीणों द्वारा भी लिया जाता है ताती का मतलब एक रक्षा सूत्र धागे से है वह धागा वह व्यक्ति बनता है जिसे की किसी जहरीले जीव जंतु द्वारा काटा जाता है ऐसी स्थिति में पीड़ित व्यक्ति भगवान के नाम एक धागा ताती बांध लेता है और वह आज के दिन दशमी उत्सव पर जतरा मैं आकर उस ताती को तुड़वाता है
महाआरती के साथ प्रसादी का वितरण किया जाता है प्रसाद ग्रहण करने के बाद सभी भक्तों अपना उपवास खोलते हैं यहां इस पर्व का बड़ा महत्व होता है पर्व को लेकर ग्रामीण अपना कामकाज भी बंद रखते हैं तेजा दशमी को लेकर महिला पुरुष व बच्चों में काफी उत्सव रहा ।