नाबालिका का अपहरण कर बलात्‍कार करने वाले जघन्‍य अपराध के आरोपी को हुई सजा

25

 

न्‍यायालय विशेष न्‍यायाधीश भरत कुमार व्‍यास साहब, झाबुआ, जिला झाबुआ द्वारा आरोपी संदीप पिता माला डामोर, निवासी सजेली मालजी सात, थाना मेघनगर, जिला झाबुआ (मध्‍य प्रदेश) को आज दिनांक को दोषी पाते हुये धारा 363, 366 में 7-7 वर्ष का कठोर कारावास व धारा 376(2)(एन) एवं 376(3) भा.दं.वि. में 20-20 वर्ष का एवं 5/6 पॉक्‍सो एक्‍ट में 20 वर्ष तथा 5000 रुपये के अर्थदण्‍ड से दण्डित किया गया।
शासन की ओर से प्रकरण में संचालन विशेष लोक अभियोजक, एस.एस. खिची एवं श्रीमती मनीषा मुवेल, अतिरिक्‍त जिला लोक अभियोजन अधिकारी, जिला झाबुआ द्वारा किया गया। जिला मीडिया प्रभारी (अभियोजन) सुश्री सूरज वैरागीअभियोजन अधिकारी झाबुआ द्वारा बताया गया कि फरियादिया द्वारा थाना मेघनगर पर उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसकी पुत्री दिनांक 02.05.2021 को नाब‍ालिका अपनी छोटी बहन के साथ घर पर थी एवं फरियादिया बाथरूम में नहाने के लिये चली गई थी। बाहर आकर देखा तो पीडि़ता, जिसकी उम्र 13-14 वर्ष लगभग की थी, वह नहीं दिखी छोटी बहन से पूछने पर उसने बताया कि वह कहीं चली गई है। नाबालिका को आस-पास तलाश किया कहीं नहीं मिली तब फरियादिया द्वारा पीडि़ता न मिलने के कारण रिपोर्ट दर्ज करवाई थी एवं पीडि़ता को फोन लगाने पर पीडि़ता ने फोन भी नहीं उठाया था। पुलिस थाना मेघनगर द्वारा आरोपी संदीप को गिरफ्तार किया गया था एवं नाबालिग पीडि़ता से पूछताछ करने पर उसने बताया था कि अभियुक्‍त संदीप उसे मेन रोड़ पर मिला था एवं उसे मेघनगर ले गया था और मेघनगर से अहमदाबाद लेकर गया था जहॉं पर उसे प्‍लास्टिक की झोपड़ी बनाकर रखा और उसके साथ कई बार गलत काम किया। पीडि़ता का मेडिकल परीक्षण एवं अन्‍य कार्यवाही पूर्ण कर अपराध गंभीर प्रकृति का होने से उक्‍त प्रकरण को जिले का जघन्‍य चिह्नित एवं सनसनीखेज घोषित करते हुए अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किया गया था।
प्रकरण गंभीर प्रकृति का होने से उक्‍त प्रकरण को जिले का जघन्‍य चिह्नित एवं सनसनीखेज घोषित करते हुए अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र न्‍यायालय में पेश किया गया।
न्‍यायालय विशेष न्‍यायाधीश श्रीमान भरत कुमार व्‍यास साहब, झाबुआ, जिला झाबुआ द्वारा आरोपी संदीप पिता माला डामोर, निवासी सजेली मालजी सात, थाना मेघनगर, जिला झाबुआ (मध्‍य प्रदेश) को आज दिनांक को दोषी पाते हुये धारा 363, 366 में 7-7 वर्ष का कठोर कारावास व धारा 376(2)(एन) एवं 376(3) भा.दं.वि. में 20-20 वर्ष का एवं 5/6 पॉक्‍सो एक्‍ट में 20 वर्ष तथा 5000 रुपये के अर्थदण्‍ड से दण्डित किया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here