Voice of झाबुआ
जब से झाबुआ भाजयुमो जिला अध्यक्ष कुलदीप चौहान बने है नगर सहित जिले में चर्चा का विषय बनने पर कोई कसर नही छोड़ रहे है,नियुक्ति,संगठन विस्तार,बैठक या कोई कार्यक्रम हो आदि विषयों में चर्चा का विषय बना ही रहता है,हाल ही में खवासा मंडल की भारतीय जनता युवा मोर्चा की कार्यकारिणी घोषित हुई जिसमे मंडल अध्यक्ष मुकेश मालीवाड़ ने बिना सहमति से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में नगरमंत्री को भाजयुमो की खवासा मंडल में आईटी प्रभारी बनाया गया है,वही रात में उपजे विवाद के चलते खवासा भाजयुमो मंडल अध्यक्ष ने लिस्ट में से नाम हटाने का आश्वाशन दिया,परंतु भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा में जिला अध्यक्ष कुलदीप चौहान खुद एबीवीपी की राजनीति कर चुके है एबीवीपी की संगठनात्मक प्रणाली को समझते है उसके बावजूद भाजयुमो जिला अध्यक्ष कुलदीप चौहान ने भाजयुमो मंडल अध्यक्ष मुकेश मालीवाढ की नवीन कार्यकारिणी को बिना देखे और बिना जानकारी के ही सहमति प्रदान करते हुए फेसबुक के माध्यम से बधाई संदेश देना चालू कर दिया ऐसे में भाजयुमो जिला अध्यक्ष कुलदीप चौहान के ऊपर ऊंट पर बैठकर बकरी हांकने का काम कर रहै उक्त कहावत चरितार्थ हो रही है?हालांकि फिर फेसबुक पर एडिट करके संशोधित पोस्ट डाली गई।
आखिर एबीवीपी कार्यकर्ताओ को क्यो ले रहे है भाजयुमो जिला अध्यक्ष?
छात्र राजनीति से भाजयुमो जिला अध्यक्ष बने कुलदीप चौहान ने जब अपनी जिला टीम की घोषणा की थी तब संगठन का मजाक तो उढ़ा ही था साथ ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नियमो को भी तोड़ा गया तभी तो भाजयुमो जिला अध्यक्ष कुलदीप चौहान ने एबीवीपी के सक्रिय कार्यकर्ता को जिला पदाधिकारी बनाया था,वही सक्रिय कार्यकर्ता ने अगले ही दिन अपने पद से इस्तीफ़ा देते हुए कहा कि बिना मेरी सहमति के मुझे दायित्व मिला है जो गलत है,वही आज फिर एक बार पुनः गलती करते हुए खवासा मंडल में एबीवीपी के नगर मंत्री को भाजयुमो का मंडल आईटी प्रभारी बनाया जिसकी सूचना भी खुद नगर मंत्री को पता नही है?आखिर ऐसी गलती क्यो कर रहे है भाजयुमो जिला अध्यक्ष कुलदीप चौहान?वही नगर मंत्री को लेकर फेसबुक पर भी एबीवीपी के जिला संयोजक प्रताप कटारा ने भी विरोध दर्ज कराते हुए कहा है लिखा है कि संगठन में नगर मंत्री का पद दायित्व है और बिना कार्यकर्ता के पूछे और बिना संगठन के पूछे भाजयुमो में मंडल का दायित्व थमा दिया जो गलत है वही जिला संयोजक प्रताप कटारा ने मंडल अध्यक्ष को माफी मांगने का भी लिख दिया,कार्यकारिणी में जिस प्रकार से एबीवीपी कार्यकर्ताओ को लिया जा रहा है उससे साबित होता है कि भाजयुमो में कार्य करने वाले कार्यकर्ता औऱ युवाओ की इच्छा नही है या कुलदीप चौहान की टीम के साथ काम करने की उत्सुकता नही है?इसलिए सक्रिय संगठनों के कार्यकर्ताओं को लाकर भाजयुमो की जमीन बनाने पर विवश हो रहे है।
भाजयुमो झाबुआ संगठन चला रहे है या परचून की दुकान?
प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी हो या भाजयुमो दोनों ही अपने अलग फॉर्म में चल रहे है,परंतु झाबुआ भाजयुमो जिला बॉडी ने अपनी प्रणाली परचून की दुकान जैसी खोल रखी है?ना जिला बॉडी के लिए कार्यकर्ताओ का ब्रेकग्राउंड देखा और नाही मंडल स्तर पर बनने वाली कार्यकारिणी में देखा?आखिर क्या चाहते है भाजयुमो जिला अध्यक्ष?आने वाले समय मे चुनाव होने वाले है ऐसे में भाजयुमो झाबुआ किस स्थिति में रहेगा ये तो वो ही जाने?खेर खवासा मंडल में हुई नियुक्ति को लेकर किसका हाथ है या सहमति है ये भी जांच का विषय है?कुलदीप चौहान को इसकी तह तक जाना पड़ेगा नही तो संगठन का बंटाढार होना निश्चित ही तय है?वही एबीवीपी नगर मंत्री को भाजयुमो में पद देने के बाद मंडल अध्यक्ष मुकेश मालीवाढ ने तीन युवा नेता के नाम भी बताए है और आईटी प्रभारी की जगह अन्य को बनाते हुए लेटर पेड पर जारी तो किया पर मीडिया और सोशल मीडिया में अभी भी पूर्व कार्यकारिणी को मान्य माना जा रहा है?वही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री का कहना है कि बिना सूचना औऱ बिना सहमति के मेरा नाम भाजयुमो मंडल में दिया था परंतु में वर्तमान में एबीवीपी संगठन में दायित्व वान कार्यकर्ता हु और मंडल अध्यक्ष को मैने अवगत कराया जिस पर नाम संशोधन का बोलते हुए गलती स्वीकार की है।

