पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने रतलाम में हुए नगरीय चुनाव में धांधली का लगाया आरोप

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मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मप्र के पुलिस महानिदेशक और राज्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखा है। इसमें रतलाम जिले की रतलाम नगर निगम में चुनाव के दौरान हुए फर्जी मतदान में स्थानीय पुलिस द्वारा गुंडा तत्वों को संरक्षण देने के मामले को संज्ञान में लेने की मांग की है। सिंह ने कांग्रेस समर्थकों पर हमला करने वलों को सजा देने की मांग भी की है। उनका कहना है कि पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने का कृत्य सत्यापक्ष के साथ मिलीभगत का उदाहरण है। यह निंदनीय है।पूर्व सीएम ने पत्र के माध्यम से डीजीपी को लिखा कि रतलाम नगर निगम चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के वार्ड 49 के उम्मीदवार और महापौर पद के प्रत्याशी के समर्थकों द्वारा बूथ क्रमांक 270 और 269 पर फर्जी मतदान कराते हुए बूथ पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था। कांग्रेस पार्टी की प्रत्याशी स्नेहलता झालानी और अभिकर्ता सुरेश राठौर ने जब इस धांधली का विरोध किया तो उनके साथ गाली-गलौच कर मारपीट की गई। उन्होंने लिखा कि कांग्रेस की महिला प्रत्याशी झालानी ने स्थानीय पुलिस अधिकारी, एसडीएम सहित आयोग के चुनाव पर्यवेक्षक को मामले में लिखित सूचना दी थी। शिकायत में घटना के तथ्यों के साथ वीडियो भी पेश करने के बावजूद भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

जानलेवा हमले के बाद भी मामूली धाराओं में दर्ज किया प्रकरण

पूर्व सीएम ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए लिखा कि सैकड़ों लोगों और पुलिस बल के बीच घटित इस घटना पर आज दिनांक तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। सभी आरोपी सत्ताधारी दल भाजपा के कार्यकर्ता, नेता और असामाजिक तत्व हैं अगर इसी तरह पुलिस सत्ताधारी दल की एजेंट बनकर काम करने लगेगी तो जनता का पुलिस व्यवस्था पर से विश्वास ही उठ जाएगा। उन्होंने रतलाम शहर में अराजकता की एक और घटना का उल्लेख करते हुए लिखा कि कांग्रेस नेता संदीप पोरवाल के साथ विराज सोनी और राजेश बैरागी ने जानलेवा हमला कर मारपीट की जो कि राजनैतिक रूप से की गई बदले की कार्रवाई है। इस मामले में फरियादी के शरीर में गंभीर चोट आने पर वह इंदौर के सीएचएल हॉस्पिटल में भर्ती होकर इलाजरत है फिर भी पुलिस ने इस वारदात में जानलेवा हमले की जगह मामूली धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

वोटों की गिनती के दौरान कर सकते हैं गड़बड़ी

पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र अनुरोध करते हुए डीजीपी को लिखा कि रतलाम में नगर निगम चुनाव के वोटों की गिनती के दौरान ये असामाजिक तत्व उज्जैन की तरह गडबड़ी कर चुनाव प्रभावित कर सकते है। अतः पुलिस अपनी साख को बचाए रखने के लिए पुलिस मुख्यालय स्तर से किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी से मामले की जांच कराकर दोषी अपराधियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारी करने हेतु पुलिस अधीक्षक रतलाम को आवश्यक निर्देश प्रदान करें।

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